July 12, 2024

कैबिनेट मंत्रियों को कितना मिलता है वेतन भत्ता? तथा क्या- क्या मिलती हैं सुविधाएं? (What is the salary of Cabinet Minister in India)

कैबिनेट मंत्रियों को कितना मिलता है वेतन भत्ता? तथा क्या- क्या मिलती हैं सुविधाएं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल का आगाज कर चुके हैं। 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 71 मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। मोदी समेत 31 कैबिनेट मंत्रियों और 36 राज्य मंत्रियों तथा पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को भी शपथ दिलाई गई ।

10 जून को विभागों का बंटवारा भी हो गया है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैसे होता है कैबिनेट का गठन? कैबिनेट मंत्रियों को कितना वेतन भत्ता मिलता है? तथा क्या सुविधायें मिलती हैं? आईए जानते हैं –

कैसे होता है मंत्री परिषद का गठन ?

संविधान के अनुच्छेद 1474 और 75 में केंद्रीय मंत्री परिषद के गठन का प्रावधान है। अनुच्छेद 74(1) के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति की जाती है। मंत्री परिषद के गठन में संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को लिया जाता है। कोई भी व्यक्ति मंत्री तभी बन सकता है जब वह संसद के दोनों सदनों में से किसी एक सदन का सदस्य हो। हालांकि संसद के बाहर का व्यक्ति भी मंत्री नियुक्त किया जा सकता है। इस पर इस पर संविधान में कोई रोक नहीं है। किंतु ऐसे व्यक्ति को मंत्री बनने के 6 महीने के अंदर संसद की सदस्यता लेनी अनिवार्य होती है। ऐसा व्यक्ति संसद की सदस्यता न लेने पर 6 महीने से अधिक समय तक मंत्री नहीं रह सकता है।

केंद्रीय मंत्रियों के वेतन भत्ते संबंधी क्या है प्रावधान ?

मंत्री परिषद के वेतन और भत्ते समय-समय पर संसद द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री परिषद के वेतन एवं भत्ते, मंत्री वेतन एवं भत्ता अधिनियम, 1952 द्वारा निर्धारित होते हैं। जो वेतन और भत्ते एक सांसद को मिलते हैं वहीं वेतन और भत्ते केंद्रीय मंत्रियों को भी मिलते हैं। पीआरएस इंडिया डाटा से पता चलता है कि भारत में सांसदों को 1 लाख रुपए वेतन मिलता है। ड्यूटी के दौरान प्रतिदिन 2 हजार भत्ता अतिरिक्त मिलता है। इसके अतिरिक्त हर महीने 70,000 रुपए निर्वाचन क्षेत्र का भत्ता दिया जाता है, जबकि प्रत्येक महीने कार्यालय खर्च के लिए 60,000 रुपए दिए जाते हैं। यानी केवल वेतन, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और कार्यालय भत्ता मिलाकर ही सांसदों को प्रत्येक महीने 2.30 लाख रुपए मिलते हैं। यह सारी सुविधाएं, जो एक सांसद को मिलती हैं वह सभी सुविधाएं केंद्रीय मंत्रियों को भी मिलती हैं।

  • नियमानुसार मंत्री परिषद के में शामिल सभी मंत्रियों को अलग-अलग दरों पर प्रत्येक महीने व्यय भत्ता दिया जाता है, जैसे- प्रधानमंत्री को 3000 रुपए, प्रत्येक केंद्रीय मंत्री को 2000 रुपए राज्य मंत्री को 1000 रुपए और उप मंत्री को 600 रुपया भत्ता प्रत्येक महीने मिलता है।
  • केंद्रीय मंत्रियों को मुफ्त रिहायसी आवास मिलता है। हालांकि आवास के उपयोग का अधिकार कार्यकाल समाप्त होने एक महीने बाद तक होता है।
  • केंद्रीय सरकार के नियम के तहत प्रत्येक मंत्री और उनके परिवार के सदस्यों के लिए यात्रा भत्ता तथा उनके सामान के लाने, ले जाने के लिए भी भत्ता दिया जाता है।
  • मंत्री को प्रत्येक वर्ष भारत में अकेले या परिवार के साथ यात्रा के लिए किराया मिलता है। मंत्रियों को मिलने वाला यात्रा भत्ता प्रतिवर्ष अधिकतम 48 किराए के बराबर ही होगा।
  • इसके अलावा पदभार ग्रहण करने के लिए दिल्ली से बाहर यदि निवास स्थान है तो निवास स्थान से दिल्ली की यात्रा के लिए भी भत्ता मिलता है।
  • मंत्रियों के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन, उनके द्वारा किए गए दौरों के लिए यात्रा और दैनिक भत्ता दिया जाता है।
  • मंत्रियों को वाहन खरीदने के लिए अग्रिम राशि भी मिलती है।
  • मंत्री और उनके परिवार के लोग सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार करा सकते हैं। इन अस्पतालों में निशुल्क ठहरने की भी व्यवस्था होती है।