Taj Mahotsav 2023 : क्यों मनाया जाता है ताज महोत्सव ?

Taj Mahotsav 2023 : शाश्वत प्रेम का प्रतीक है आगरा का ताजमहल जिसे मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था। ताजमहल आज पूरे विश्व में प्रेम और मोहब्बत का प्रतीक माना जाता है।
विश्व के सात अजूबों में ताजमहल भी शामिल है प्रत्येक वर्ष 18 फरवरी से 27 फरवरी तक ताजमहल के समीप ही ताज महोत्सव का आयोजन किया जाता है। ताज महोत्सव एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है जिसका हम प्रत्येक वर्ष बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं। ताज महोत्सव 10 दिनों तक चलने वाला उत्सव है। यह महोत्सव ताज महल के पूर्वी द्वार के पास शिल्पग्राम में मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव एक ऐसा जीवंत मंच है जहां आपको भारत की समृद्ध कला और शिल्प, संस्कृति, व्यंजन, नृत्य और संगीत की जानकारी मिलती है। ताज महोत्सव समिति द्वारा प्रस्तुत आयुक्त, आगरा खंड, आगरा द्वारा ताज महोत्सव का आयोजन किया जाता है। ताज महोत्सव को सांस्कृतिक उत्सव की तरह मनाया जाता है।

Why is Taj Mahotsav 2023 celebrated?

Why is Taj Mahotsav 2023 celebrated?

Why is Taj Mahotsav 2023 celebrated?

ताज महोत्सव (Taj mahotsav) (18 फरवरी)

शाश्वत प्रेम का प्रतीक है आगरा का ताजमहल जिसे मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था। ताजमहल आज पूरे विश्व में प्रेम और मोहब्बत का प्रतीक माना जाता है।
विश्व के सात अजूबों में ताजमहल भी शामिल है प्रत्येक वर्ष 18 फरवरी से 27 फरवरी तक ताजमहल के समीप ही ताज महोत्सव का आयोजन किया जाता है। ताज महोत्सव एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है जिसका हम प्रत्येक वर्ष बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं। ताज महोत्सव 10 दिनों तक चलने वाला उत्सव है। यह महोत्सव ताज महल के पूर्वी द्वार के पास शिल्पग्राम में मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव एक ऐसा जीवंत मंच है जहां आपको भारत की समृद्ध कला और शिल्प, संस्कृति, व्यंजन, नृत्य और संगीत की जानकारी मिलती है। ताज महोत्सव समिति द्वारा प्रस्तुत आयुक्त, आगरा खंड, आगरा द्वारा ताज महोत्सव का आयोजन किया जाता है। ताज महोत्सव को सांस्कृतिक उत्सव की तरह मनाया जाता है।

क्यों मनाया जाता है ताज महोत्सव ?

ताज महोत्सव को देखने के लिए लोग देश-विदेश से आगरा पहुंचते हैं। ताज महोत्सव का आयोजन शिल्पकारों की रचनात्मक कला को बढ़ावा देने और उन्हें अपने कौशल को दिखाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाता है।

ताज महोत्सव कब से मनाया जा रहा है ?

   ताज महोत्सव मनाने की शुरुआत 1992 में हुई थी। ताजमहल की स्थापना दिवस के दौरान ताज महोत्सव मनाने की घोषणा की गई। तब से अब तक पूरे विश्व के मेहमान प्रत्येक वर्ष एक ही छत के नीचे जीवंत नृत्य अद्वितीय शिल्प, दिलचस्प कला और भारत के स्वादिष्ट व्यंजनों के स्वाद का अनुभव करने और उसे जानने के लिए आते हैं। ताज महोत्सव अपने स्थापना के समय से ही भारत की समृद्ध विरासत और अनूठी संस्कृत को बढ़ावा देता रहा है। यह उत्सव 18वीं और 19वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश में प्रचलित पुराने मुगल और नवाबी शैली से प्रेरित है।

आइए जानते हैं ताज महोत्सव में होने वाली गतिविधियों के विषय में -

कला और शिल्प

ताज महोत्सव के अंतर्गत भारत के विभिन्न हिस्सों से लगभग 400 से अधिक कारीगर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं जिनमें कुछ इस प्रकार है-
* तमिलनाडु से लकड़ी/पत्थर की नक्काशी
* उत्तर पूर्व भारत से बांस/बेंत का काम
* दक्षिण भारत और कश्मीर से पेपर मैश का काम
* आगरा से संगमरमर और जरदोजी का काम
* सहारनपुर से लकड़ी की नक्काशी
* भदोही से हाथ के बने कालीन
* खुर्जा से मिट्टी के बर्तन
* मुरादाबाद से पीतल के सामान
* बनारस से रेशम और जरी का काम
* लखनऊ की चिकनकारी का काम
* फर्रुखाबाद से हाथ की छपाई
* कश्मीर गुजरात से साल और कालीन
* तथा पश्चिम बंगाल से कांता सिलाई
इन सभी कला और शिल्प के अतिरिक्त बॉलीवुड के विभिन्न फिल्म प्रोडक्शन और मीडिया हाउस भी महोत्सव में भाग लेते हैं और कलाकारों का प्रबंधन करते हैं।

संस्कृति

     मुगल काल में जिस प्रकार मुगल सम्राटों और सरदारों का विजय जुलूस निकलता था उसी प्रकार ताज महोत्सव का प्रारंभ सजे हुए हाथी और ऊंटों के साथ एक सड़क जुलूस निकालकर होता है। जुलूस में लोकनर्तक, तुरहीवादक, ढोल वादक, कुशल कारीगर और अन्य कारीगर भी शामिल होते हैं। ताज महोत्सव में भारत के कोने कोने से कलाकार एवं शिल्पकार अपनी कला और शिल्प कौशल का प्रदर्शन करने आते हैं।

नृत्य और संगीत

  ताज महोत्सव में 10 दिनों तक विभिन्न राज्यों के लोक प्रतिभायें मंच पर अपने नृत्य और संगीत का प्रदर्शन करते हैं। भारत के विभिन्नन लोकनृत्यों का प्रदर्शन ताज महोत्सव में किया जाता है।

व्यंजन

    ताज महोत्सव में देश के हर क्षेत्र के विभिन्न व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलता है। प्रत्येक क्षेत्र के व्यंजनों के अलग-अलग स्टाल लगाए जाते हैं।

ताज महोत्सव का महत्व

    ताज महोत्सव में देश के ह  आगरा के शिल्पग्राम में ताज महोत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। आगरा में आनेवाले मेहमान शाही मुगलों के पूर्ववर्ती युग में प्रचलित नवाबी शैली की करामात को देख सकें और समझ सके, इसके लिए उत्तर प्रदेश का पर्यटन विभाग इस उत्सव को भव्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास करता है। उत्तर प्रदेश पर्यटन, भारत के विभिन्न शिल्प कौशल को एक मंच प्रदान करता है संगीत समारोह से लेकर सांस्कृतिक प्रदर्शनी और स्वादिष्ट व्यंजन के शौकीनों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की व्यवस्था करना ताज महोत्सव का उद्देश्य है।र क्षेत्र के विभिन्न व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलता है। प्रत्येक क्षेत्र के व्यंजनों के अलग-अलग स्टाल लगाए जाते हैं।

कब से कब तक होगा ताज महोत्सव 2023

   ताज महोत्सव 2023 शनिवार 18 फरवरी से शुरू होगा और सोमवार 27 फरवरी तक चलेगा। 2023 का ताज महोत्सव आगरा के मशहूर शिल्पग्राम में 10 दिनों तक चलेगा।

ताज महोत्सव के लिए प्रवेश टिकट

 ताज महोत्सव में प्रवेश के लिए सब का टिकट लगता है यह टिकट उम्र के हिसाब से मिलता है

बच्चों के लिए –  ताज महोत्सव में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। इनका कोई टिकट नहीं लगेगा।

स्कूली बच्चों के लिए –  यदि कोई स्कूल ताज महोत्सव देखने के लिए जाता है तो 50 स्कूली बच्चों पर ₹700 का टिकट निर्धारित किया गया है।

वयस्कों के लिए-  वयस्कों को प्रवेश के लिए ₹50 प्रति व्यक्ति के लिए भुगतान करना होता है।

विदेशियों के लिए-  ताज महोत्सव 2023 में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग विदेशियों को निशुल्क आमंत्रित करता है

ताज महोत्सव का समय

ताज महोत्सव का समय वैसे तो सुबह 10:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक होता है लेकिन कभी-कभी समय थोड़ा आगे पीछे भी हो जाता है। ताज महोत्सव का सही समय जाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन की आधारित साइट पर देख सकते हैं।