Halal Certification: क्या है हलाल- प्रमाणित उत्पाद और उत्तर प्रदेश सरकार ने क्यों लगाया उस पर प्रतिबंध? (why halal Certified products banned in UP?)

UP Bans Sale Of Halal Certified Products || What is Halal Certification || Halal Certified Products || Halal Products: उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को जारी आदेश के तहत हलाल प्रमाणित उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है और यह कदम उठाने का सहस्र योगी आदित्यनाथ में ही था। यह एक ऐसा कदम है जिसकी चर्चा न सिर्फ सालों से बल्कि दशकों से हो रही थी। ज्यादातर लोग यह कदम उठाए जाने की मांग कर रहे थे क्योंकि इसका फायदा लगातार जिहादी तत्वों और आतंकवादियों को मिल रहा था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हलाल प्रमाणित उत्पादों पर प्रतिबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में है। सरकार का दावा है कि हलाल प्रमाण पत्र से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भ्रम होता है।

Halal Certification_ Halal Certified products_Halal Certified products banned in Uttar Pradesh: क्या है हलाल- प्रमाणित उत्पाद ? और उत्तर प्रदेश सरकार ने क्यों लगाया उस पर प्रतिबंध?
UP Bans Sale Of Halal-Certified Products

यूपी सरकार ने हलाल-प्रमाणित उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया (UP govt bans sale of halal-certified products)

उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को जारी आदेश के तहत हलाल प्रमाणित उत्पादों (Halal Certified Products) पर प्रतिबंध लगा दिया है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है और यह कदम उठाने का सहस्र योगी आदित्यनाथ में ही था। यह एक ऐसा कदम है जिसकी चर्चा न सिर्फ सालों से बल्कि दशकों से हो रही थी। ज्यादातर लोग यह कदम उठाए जाने की मांग कर रहे थे क्योंकि इसका फायदा लगातार जिहादी तत्वों और आतंकवादियों को मिल रहा था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हलाल प्रमाणित उत्पादों पर प्रतिबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में है। सरकार का दावा है कि हलाल प्रमाण पत्र से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भ्रम होता है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शनिवार को हलाल प्रमाणित खाद्य पदार्थों को बनाने, बेचने और भंडारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का कहना है कि शाकाहारी उत्पाद जैसे तेल, साबुन, टूथपेस्ट, नमकीन, बिस्कुट, दुग्ध उत्पाद आदि के लिए हलाल प्रमाण पत्र आवश्यक नहीं है। यूपी सरकार के आदेश में कहा गया है कि, “खाद्य उत्पाद का हलाल प्रमाणीकरण से पदार्थ की गुणवत्ता के बारे में भ्रम पैदा होता है और यह पूरी तरह से कानून के खिलाफ है”

क्या है हलाल प्रमाणीकरण ? (What is Halal certification?)

हलाल (Halal) एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ है ‘अनुमति’ या ‘जायज’ हलाल प्रमाणित उत्पाद वे हैं जो इस्लामिक कानून की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं और मुसलमानो के उपभोग के लिए उपयुक्त है। कई इस्लामिक देश में सरकार हलाल प्रमाणीकरण देती है। भारत में कई निजी कंपनियों द्वारा हलाल प्रमाणीकरण दिया जाता है, जो इस्लाम के अनुयायियों के लिए स्वीकार्य भोजन या उत्पादों को चिन्हित करता है, जबकि भारत में लगभग सभी प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों पर FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) प्रमाण देखा जा सकता है, लेकिन यह प्राधिकरण भारत में हलाल प्रमाण नहीं देता है। भारत में हलाल प्रमाणित प्रमुख कंपनियां हैं-

हलाल प्रमाणीकरण वध किए गए मांस के लिए पहली बार 1974 में शुरू किया गया था। इससे पहले हलाल प्रमाणीकरण (Halal Certification) का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। 1993 में हलाल प्रमाणीकरण को अन्य उत्पादों तक बढ़ाया गया।

अपने उत्पादों का हलाल प्रमाणीकरण क्यों कराती हैं कंपनियां ?

अपने उत्पादों को इस्लामिक देश में निर्यात करने के लिए कंपनियां अपने उत्पादों को हलाल प्रमाणित करती हैं क्योंकि कई इस्लामिक देश में केवल हलाल प्रमाणित खाद्य की ही अनुमति है।

कौन देता है हलाल प्रमाण पत्र ? (Who gives Halal certificate?)

भारत में हलाल प्रमाण पत्र (Halal Certificate) उत्पाद का आयात करने वाले देशों द्वारा मान्यता प्राप्त निजी संगठन प्रदान करते हैं क्योंकि इस क्षेत्र में कोई सरकारी विनिमय नहीं है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा इस साल की शुरुआत में हलाल प्रमाणीकरण पर जारी एक मसौदा दिशा निर्देश में कहा गया है कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण को इस उद्देश्य के लिए समग्र निगरानी एजेंसी के रूप में  नामित किया जाएगा

यूपी सरकार द्वारा क्यों लगाया गया हलाल- प्रमाणित उत्पादों पर प्रतिबंध? (Why did UP government ban Halal-certified products?)

यूपी सरकार को मिली जानकारी में यह संकेत दिया गया है कि दुग्ध उत्पादों, बेकरी उत्पाद, नमकीन, चीनी, पिपरमेंट ऑयल,रेडी- टू- ईट पेय पदार्थ और खाद्य तेल जैसे उत्पादों को हलाल प्रमाणीकरण (Halal Certification) के साथ लेबल किया जा रहा है। सरकारी नियम के अनुसार दवाओं,चिकित्सा उपकरणों और सौंदर्य प्रसाधन संबंधित उत्पादों में लेबल पर हलाल प्रमाणीकरण को चिन्हित करने का कोई प्रावधान नहीं है। औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और इसके संबंधित नियमों में हलाल प्रमाणीकरण का कोई उल्लेख नहीं है।

किसी दवाओं, सौंदर्य प्रसाधन चिकित्सा उपकरणों के लेबल पर हलाल प्रमाणीकरण का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उल्लेख अधिनियम के तहत इसे दंडनीय अपराध बनाता है।

यूपी सरकार के अनुसार साबुन, टूथपेस्ट, शहद जैसे शाकाहारी उत्पादों के लिए हलाल प्रमाणपत्र एक विशेष समुदाय और उसके उत्पादों को लक्षित करने वाली जानबूझकर आपराधिक साजिश का सुझाव देता है क्योंकि ऐसा कोई प्रमाणीकरण आवश्यक नहीं है। यह प्रतिबंध भ्रम को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में है।

यूपी सरकार के आदेश में कहा गया है कि,

“खाद्य उत्पादों का हलाल प्रमाणीकरण एक समानांतर प्रणाली है जो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के बारे में भ्रम पैदा करती है। यह पूरी तरह से अधिनियम के मूल इरादे के खिलाफ है। यह उक्त अधिनियम की धारा 89 के तहत स्वीकार्य नहीं है।”

बता दे कि पहले हलाल प्रमाणपत्र सिर्फ मांस उत्पादों पर अनिवार्य था लेकिन अब यह प्रमाण पत्र शाकाहारी उत्पादों पर भी अनिवार्य कर दिया गया था क्योंकि हलाल प्रमाण पत्र न लेने से कंपनियों की बिक्री प्रभावित होती है, लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस हलाल प्रमाण पत्र पर प्रतिबंध लगाकर एक बड़ा कदम उठाया है।

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