आगामी पर्व दीपावली एवं छठ पूजा के संबंध में राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा शासन-प्रशासन को दिए गए सख्त निर्देश (The Chief Minister Yogi Adityantath issues guidelines for smooth organisation of Diwali and Chhath Puja festivals)

मुख्यमंत्री ने आगामी दीपावली एवं छठ पूजा के सुचारु आयोजन, अतिवृष्टि के बीच राहत कार्यों को तेज करने, स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभ उपलब्धता आदि महत्वपूर्ण विषयों के सम्बन्ध में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए

The Chief Minister Yogi Adityantath gave necessary instructions to the officials of the government and administration in relation to important topics like the smooth conduct of the upcoming Diwali and Chhath Puja, speeding up the relief work amid heavy rains, easy availability of health facilities, etc.

Guidelines isssued by CM yogi adityantah during diwal and chhath festival

लखनऊ न्यूज़ हिंदी : 17 अक्टूबर, 2022 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी  (UP CM Yogi Adityanath )ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सतत संवाद और सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग से हाल के वर्षों में प्रदेश में सभी पर्व व त्योहार शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो रहे हैं। रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, दशहरा और श्रावणी मेले सहित ईद, बक़रीद, बरावफ़ात, मुहर्रम आदि पर्वों पर प्रदेश में सुखद माहौल रहा। उन्होंने कहा कि बेहतर टीमवर्क और जनसहयोग का यह क्रम सतत जारी रखा जाए। आगामी पर्व और त्योहार शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आया जाए। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता बरती जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर आगामी दीपावली एवं छठ पूजा पर्व के सुचारु आयोजन, अतिवृष्टि के बीच राहत कार्यों को तेज करने, आम जन को स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभ उपलब्धता आदि महत्वपूर्ण विषयों के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (क्षेत्र), समस्त पुलिस आयुक्त (कानपुर, गौतमबुद्धनगर, वाराणसी लखनऊ), पुलिस महानिरीक्षक (क्षेत्र), पुलिस उप महानिरीक्षक (परिक्षेत्र), मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, नगर आयुक्त, नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी, जिला स्तर पर तैनात अधीक्षण, अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता (विद्युत) आदि अधिकारी सम्मिलित हुए।

CM Yogi adityanath Guidelines during diwal and Chhath Pooja

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आने वाले दिनों में दीपावली (Diwali), गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja), भाई-दूज (Bhai Dooj), देवोत्थान एकादशी, अयोध्या दीपोत्सव, वाराणसी देव दीपावली और छठ महापर्व (Chhath) जैसे विशेष त्योहार हैं। इसके अलावा, बलिया का ददरी मेला, अयोध्या में पंचकोसी, 84 कोसी परिक्रमा, प्रयागराज में कार्तिक पूर्णिमा स्नान, हापुड़ का गढ़मुक्तेश्वर मेला आदि का आयोजन भी इसी अवधि में है। लगभग ढाई साल के बाद सामान्य हुई स्थितियों के बाद इस बार त्योहारों में लोगों में अधिक उल्लास होना स्वाभाविक है। कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत इस संवेदनशील समय में पूरी सतर्कता और सावधानी बरती जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी (CM yogi Adityanath) ने कहा कि दीपावली के लिए पटाखों की दुकानों व गोदामों को आबादी से दूर होना सुनिश्चित कराया जाए। जहां पटाखों का क्रय-विक्रय हो, वहां फायर टेंडर के पर्याप्त इन्तजाम किए जाएं। पुलिस बल की सक्रियता भी बनी रहे। पटाखों की दुकान खुले स्थान पर हो। इन्हें लाइसेन्स तथा एन0ओ0सी0 समय से जारी कर दी जाए। पर्यावरण और स्वास्थ्य की दृष्टि से अति संवेदनशील पटाखों के क्रय-विक्रय को हतोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापना की भी परंपरा है। धार्मिक परम्परा एवं आस्था को पूरा सम्मान दिया जाए। प्रतिमा विसर्जन के लिए नदियों के स्थान पर तालाबों के प्रयोग के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

CM Yogi adityanath Guidelines during diwal and Chhath Pooja

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी (UP Cm Yogi Adityanath) ने कहा कि छोटी सी घटना लापरवाही के कारण बड़े विवाद का रूप ले सकती है। त्वरित कार्यवाही और संवाद-सम्पर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलम्ब किए, जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान जैसे वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। उन्होंने कहा कि थाना, सर्किल, जिला, रेन्ज, जोन, मण्डल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र में समाज के प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। मीडिया का सहयोग लें, ताकि शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे। पर्व और त्योहार खुशियों का अवसर होते हैं। हर व्यक्ति उल्लास, उमंग और आह्लाद में होता है। ऐसे में शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं। इसके दृष्टिगत पुलिस प्रशासन पूरी सावधानी व सतर्कता बरतें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि बाजार आने वाले लोगों को अत्यधिक ट्रैफिक की वजह से असुविधा न हो। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। हर दिन सायंकाल पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करे। पी0आर0वी0 112 एक्टिव रहे। पर्व और त्योहारों के इस उल्लासपूर्ण माहौल में लोगों के आवागमन में बढ़ोत्तरी स्वाभाविक है। बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाते हैं। ऐसे में परिवहन विभाग द्वारा ग्रामीण रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए। खराब हालत वाली बसों को सड़क पर कतई न चलने दें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्व और त्योहारों के बीच ग्रामीण हो या शहरी क्षेत्र, पर्व, त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारु रखी जाए। कहीं से भी अनावश्यक कटौती की शिकायत न आए। इसकी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य वस्तुओं में मिलावट आमजन के जीवन से खिलवाड़ है। ऐसी प्रवृत्ति को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। पर्व, त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की जांच की कार्रवाई तेज की जाए। मिलावटी खाद्य पदार्थों के बिक्री की हर शिकायत पर तत्काल कार्यवाही हो। मिशन रूप में प्रदेशव्यापी निरीक्षण किया जाना चाहिए। मिलावटखोरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लम्पी वायरस के दृष्टिगत बलिया में ददरी मेले के दौरान आयोजित होने वाले पारम्परिक पशु मेले को स्थगित किया जाए। इस वर्ष दुधारू पशुओं में लम्पी वायरस के संक्रमण की स्थिति है। इस सम्बन्ध में पशुपालकों को समय से जानकारी दे दी जाए। पशु मेला स्थगन के साथ-साथ उन्हें लम्पी वायरस से बचाव के सम्बन्ध में भी जागरूक किया जाना चाहिए।

CCM yogi Adityanath guidelines for diwali and chhatth puja

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत दिनों असमय हुई तेज बरसात से 15 जिलों में लगभग 15 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। यह समय संवेदना और सहयोग का है। उन्होंने स्वयं (मुख्यमंत्री जी) भी ऐसे क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित लोगों से संवाद किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। हर गांव के लिए नोडल अधिकारी तैनात कर राहत कार्यों को तेज किया जाए। प्रभावित परिवारों को हर जरूरी मदद तत्काल उपलब्ध कराई जाए। बाढ़ प्रभावित लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार तैयार भोजन और सूखा राशन वितरण कराएं। जहां जलभराव की स्थिति हो, वहां पशुओं को अन्यत्र सुरक्षित स्थल पर शिफ्ट कराया जाए। इन स्थलों पर पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। एण्टी स्नेक वेनम की कमी न हो। मण्डलीय भ्रमण के लिए जा रहे मंत्री समूह को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों को एक्टिव रखें। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0, पी0ए0सी0 तथा आपदा प्रबन्धन की टीमें 24ग्7 एक्टिव मोड में रहें। आपदा प्रबन्धन मित्र, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की आवश्यकतानुसार सहायता ली जानी चाहिए। जिलाधिकारीगण नौकाओं, राहत सामग्री आदि का पर्याप्त प्रबन्ध रखें। बाढ़ अथवा जलभराव के कारण डेंगू, कॉलरा, डायरिया मलेरिया सहित वायरल बीमारियों के प्रसार की आशंका होती है। इसके दृष्टिगत समय से इन बीमारियों से बचाव के जरूरी इंतजाम किए जाएं। अस्वस्थ लोगों के उपचार के लिए सभी अस्पतालों में प्रबन्ध किए गए हैं। सर्विलांस को बेहतर करते हुए हर एक मरीज के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के हर सी0एच0सी0 व पी0एच0सी0 का सर्वेक्षण कराते हुए वहां उपलब्ध चिकित्सकों और दवाओं की उपलब्धता की रिपोर्ट तैयार की जाए। जहां डॉक्टर की जरूरी हो, वहां बिना विलम्ब चिकित्सक तैनात किए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ ए0टी0एम0 और टेलीकन्सल्टेशन को और प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है। लगातर प्रयासों से प्रदेश के हर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों से इमरजेंसी केस को लखनऊ रेफर करने की प्रवृत्ति उचित नहीं है। अपरिहार्य स्थिति को छोड़ कोई भी मेडिकल इमरजेंसी केस रेफर न किया जाए। हर मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का विवरण भी तैयार कराया जाए।

CM Yogi Adityanath in Diwal and Chhath Puja

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता, सैनिटाइज़ेशन और फॉगिंग का कार्य मिशन मोड में किया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मानव शक्ति का समय से प्रबन्ध कराया जाए। स्वच्छता कार्य की शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि पहले कम बरसात और फिर अतिवृष्टि के कारण फसलों पर भी बुरा असर देखा जा रहा है। राज्य सरकार हर एक किसान के हित की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। फसल सर्वेक्षण का कार्य यथाशीघ्र पूरा कर रिपोर्ट तैयार कर ली जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय से राहत राशि दी जा सके। राहत के सम्बन्ध में कार्ययोजना तय करते समय बटाईदारों के हित का भी ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ उसके रख-रखाव का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। समय-समय पर सड़कों की मरम्मत किया जाना भी जरूरी होता है। पी0डब्ल्यू0डी0, नगर विकास, सिंचाई, आवास एवं शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, गन्ना विकास विभाग, औद्योगिक विकास विभाग सहित सड़क निर्माण से जुड़े सभी विभाग प्रदेशव्यापी सड़क गड्ढामुक्ति अभियान को तेजी से आगे बढ़ाएं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, पुलिस महानिदेशक श्री डी0एस0 चौहान, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, सूचना निदेशक श्री शिशिर, अपर सूचना निदेशक श्री अंशुमान राम त्रिपाठी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

In the state-level meeting attended by top administratrive officials on Sunday, Chief Minister Yogi Adityanath issued necessary guidelines for the smooth organization of the upcoming Diwali and Chhath Puja festivals