June 25, 2024

Father’s Day 2023 : कब और क्यों मनाया जाता है पितृ दिवस ?

पितृ दिवस (Father’s Day) पिता के सम्मान में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन पितृत्व पितृत्व बंधन तथा समाज में पिता के प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाया जाता है। विश्व के कई देशों में पितृ दिवस अलग-अलग दिन मनाया जाता है। लेकिन अधिकतर देशों में पितृ दिवस (Father’s Day)जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2023 में जून का तीसरा रविवार 18 जून को पड़ रहा है। अतः वर्ष 2023 में पितृ दिवस 18 जून को मनाया जा रहा है।

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पितृ दिवस (Father’s Day) पिता के सम्मान में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन पितृत्व पितृत्व बंधन तथा समाज में पिता के प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाया जाता है। विश्व के कई देशों में पितृ दिवस अलग-अलग दिन मनाया जाता है। लेकिन अधिकतर देशों में पितृ दिवस (Father’s Day)जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2023 में जून का तीसरा रविवार 18 जून को पड़ रहा है। अतः वर्ष 2023 में पितृ दिवस 18 जून को मनाया जा रहा है।

पितृ दिवस का इतिहास (History Of Father's Day)

पितृ दिवस की शुरुआत बीसवीं सदी के प्रारंभ में पिता धर्म तथा पुरुषों द्वारा परवरिश का सम्मान करने के लिए मातृ दिवस के पूरक उत्सव के रूप में हुई थी।वॉशिंगटन के स्पोकन शहर में पहली बार 1910 में पितृ दिवस मनाया गया था। पितृ दिवस की नींव वाशिंगटन में रहने वाली सोनोरा लुईस ने रखी थी। सोनोरा की मां के निधन के पश्चात उनके पिता ने अकेले सोनोरा की परवरिश की थी। उनके पिता ने कभी उन्हें मां की कमी महसूस नहीं होने दी थी। सोनोरा ने अपने पिता और उनके जैसे लाखों-करोड़ों पिताओं को समर्पित करते हुए पितृ दिवस मनाने के लिए याचिका दायर की, और इस याचिका को सफल बनाने के लिए यूएस तक कैंप चलाया। अंततः उनकी मांग को पूरा करते हुए 19 जून को पहली बार पितृ दिवस मनाया गया। सोनोरा के पिता का जन्मदिन भी जून महीने में पड़ता था अत: पितृ दिवस के लिए जून महीने को चुना गया।

पितृ दिवस को जून के तीसरे रविवार को मनाने की आधिकारिक घोषणा 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने की थी। इसके पूर्व 1916 में अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने पितृ दिवस के प्रस्ताव को स्वीकार किया। इसके पश्चात 1924 में राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने पितृ दिवस को राष्ट्रीय आयोजन घोषित किया। और 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने पितृ दिवस को अवकाश घोषित कर दिया।

क्या है पिता का अर्थ (What is the Meaning of Father) ?

पिता एक ऐसा शब्द है जिसके बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। पिता का रिश्ता एक ऐसा पवित्र रिश्ता है जिसकी तुलना किसी और रिश्ते से नहीं की जा सकती। बच्चा पिता और माता का अंश होता है। अतः एक बच्चे का जीवन पिता के बिना असंभव है। या यूं कहें कि हमारा जीवन हमारे पिता की ही देन है। एक पिता का अपने बच्चे के साथ स्नेह, जिम्मेदारी, सुरक्षा और फिक्र का रिश्ता होता है। निसंदेह एक मां बच्चे को अपने गर्भ में 9 महीने रखती है, लेकिन एक पिता भी बच्चे के आत्मनिर्भर बनने तक अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाता है। यद्यपि पिता अपने बच्चे के प्रति सख्त होता है, लेकिन उसके पीछे भी बच्चे की भलाई छिपी होती है। बच्चे के भविष्य को संवारने और उसके जीवन को आदर्श बनाने के लिए जो पिता सख्ती दिखाता है। वही पिता अपने बच्चे की तकलीफ में अपनी तकलीफ को भी अनदेखा कर देता है। बच्चों के भविष्य को सुंदर बनाने के लिए एक पिता हर त्याग करता है।

यदि मां ममता की मूरत होती है तो पिता त्याग और समर्पण की मूरत होता है। एक पिता स्वयं तो कष्ट सहन कर लेता है लेकिन अपनी संतान को कष्ट में नहीं देख सकता है। एक पिता स्वयं अभाव में रहता है लेकिन अपनी संतान को प्रत्येक अभाव से दूर रखने का प्रयास करता है। एक पिता आजीवन यहा प्रयास करता है कि उसकी संतान को किसी चीज की कमी ना हो।
एक मां अपनी ममता को बच्चों के सामने जता देती है लेकिन एक पिता अपने स्नेह और फिक्र को अपने कठोर चेहरे के पीछे छिपाए रहता है। एक बच्चा जितना खुलकर अपनी मां से हर बात कह लेता है। अपना प्यार जता लेता है उतना अपने पिता से नहीं कह पाता। बच्चों को यह अवसर पितृ दिवस (Father’s Day) प्रदान करता है। पितृ दिवस बच्चों को वह अवसर प्रदान करता है जिससे इस दिन बच्चे अपने पिता के समक्ष अपनी प्रेम पूर्ण भावनाओं को प्रदर्शित कर सके। बच्चे के लिए उनका पिता कितना खास है इस बात का यह अहसास कराता है। इस दिन बच्चे अपने दिल की बात पिता से कहकर उन्हें उपहार देकर अपने प्रेम को महसूस करा सकते हैं ।

क्यों मनाया जाता है पितृ दिवस (Why is Father's Day Celebrated) ?

सदियों से पिता की छवि एक कठोर व्यक्तित्व के रूप में रही है। क्योंकि एक पिता अपनी संतान की भलाई के लिए अपने आप को कठोर बनाए रहता है, जिससे बच्चा अपने पिता से खुलकर बात नहीं कर पाता और ना ही पिता के समक्ष अपनी भावनाओं को प्रदर्शित कर पाता है। पितृ दिवस(Father’s Day वह अवसर प्रदान करता है जब बच्चा अपने पिता के समक्ष अपनी प्रेम पूर्ण भावनाओं को प्रदर्शित कर सकता है। और अपने पिता के प्रति आभार प्रकट कर सकता है, उनके प्रति सम्मान का भाव प्रकट कर सकता है। पितृ दिवस वह अवसर है जो बच्चे के जीवन में पिता के महत्व को दर्शाता है। आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हमारे पास इतना समय नहीं है कि हम अपने जन्मदाता पिता के साथ समय व्यतीत कर सके अथवा उसके प्रति सम्मान की भावना के दिन हम उन्हें एहसास करा सकते हैं कि हमारे जीवन में कितने महत्वपूर्ण हैं तथा उनके बिना हमारा जीवन अधूरा है।

पितृ दिवस का महत्व (Significance of Father's Day)

पितृ दिवस पिताओं को सम्मानित करने का एक अवसर है। यह दिन सभी बच्चों को अपने पिता को प्यार सम्मान और उन्हें धन्यवाद देने का अवसर प्रदान करता है। यह दिन एक बच्चे के जीवन में पिता के प्रयासों और योगदान की याद दिलाता है। एक पिता अपने बच्चे के लिए जो त्याग करता है कठोर परिश्रम करता है और जिस जिम्मेदारी का निर्वहन करता है इन सब के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पितृ दिवस महत्वपूर्ण अवसर है।

कैसे मनाया जाता है पितृ दिवस (How is Father's Day Celebrated) ?

  • पितृ दिवस के अवसर पर बच्चे अपने माता-पिता को उपहार देकर अपनी भावनाओं को प्रदर्शित कर सकते हैं
  • पितृ दिवस के अवसर पर अपने पिता के मनपसंद व्यंजन व भोजन बना सकते हैं।
  • एक पिता को उन्हीं की पुरानी यादों में वापस ले जाने के लिए तस्वीरें सबसे अच्छा माध्यम है। आप अपने पिता के जीवन से जुड़े खास अवसरों की तस्वीरों को मिलाकर कोलाज बना सकते हैं। जिसमें उनके बचपन और कॉलेज के दिनों से लेकर पिता बनने तक की तस्वीरें शामिल हो।
  • पितृ दिवस के अवसर पर अपने पिता के शौक के अनुसार उन्हें उपहार प्रदान करें। यदि उन्हें पढ़ने का शौक है तो उन्हें अच्छी किताबें भेंट करें। यदि उन्हें संगीत का शौक है तो उनके मनपसंद संगीत की सीडी या म्यूजिक प्लेयर उपहार में दे।
  • इस दिन अपने पिता के साथ घूमने जाएं। उनके साथ समय व्यतीत करें तथा उनकी तकलीफ और परेशानियों को साझा करें।
  • इस दिन अपने पिता को अपने प्यार और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में फूल और उपहार भेंट करके अपने पिता को यह एहसास दिलाएं कि वे आपके लिए कितने खास और प्रिय है।

 एक पिता ही एक ऐसा दोस्त है जिस पर हम आंखें बंद करके विश्वास कर सकते हैं। जब भी हम किसी बड़ी मुसीबत में होते हैं और सब कुछ विफल हो जाता है तो हम पिता को ही याद करते हैं। एक पिता भले ही हमारी सहायता करने में असमर्थ है लेकिन इस संसार में मात्र वही ऐसा है जिस की उपस्थिति में हम स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं। जिसकी उपस्थिति हमें राहत देती है और हमें शक्ति प्रदान करती है। एक पिता सदैव हमारी परेशानियों को दूर करने का प्रयास करता है।
पितृ दिवस(Father’s Day) उन पिताओं के प्रति प्रशंसा और सम्मान दिखाने का एक अवसर है जो हमारे लिए जीवनभर अथक परिश्रम करते हैं। हालांकि हम मां की ममता को अधिक महत्व देते हैं लेकिन पिता एक परिवार का नायक होता है। एक पिता अपनी संतान और परिवार के प्रति अपना सबकुछ समर्पित कर देता है। पूरे दिन अथक परिश्रम करता है जिससे उसकी संतान को सुविधा पूर्ण जीवन मिल सके। उसकी संतान को किसी प्रकार का कोई अभाव ना हो। एक पिता अपनी संतान की हर इच्छा की पूर्ति करना अपना परम कर्तव्य समझता है। और अपने इस कर्तव्य का निर्वहन वह आजीवन करता है। इन सबके बदले वह सिर्फ और सिर्फ अपनी संतान का प्रेम चाहता है उससे थोड़ा सा सम्मान चाहता है।
अतः प्रत्येक संतान का यह धर्म है कि वह पितृ दिवस (Father’s Day)पर अपने पिता को प्रेम और सम्मान दें। उनको इस बात का एहसास दिलाया कि उनके लिए वह कितने महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि जिस प्रकार घर में मां की ममता आवश्यक होती है उसी प्रकार घर के बाहर पिता की छांव भी उतनी ही आवश्यक होती है।