June 25, 2024

क्या Mahendra Nath Pandey चंदौली लोकसभा सीट पर लगाएंगे जीत की हैट्रिक ?: Chandauli, Lok Sabha Election 2024

क्या महेंद्र नाथ पांडे चंदौली लोकसभा सीट पर लगाएंगे जीत की हैट्रिक ?: Chandauli, Lok Sabha Election 2024  (Chandauli lok Sabha Seat )

Chandauli, Lok Sabha Election 2024, Mahendra Nath Pandey: चंदौली लोकसभा आजादी के बाद 1957 में अस्तित्व में आया था। Chandauli Lok Sabha एक तरफ जहां राजनीतिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है वहीं दूसरी तरफ चंदौली लोकसभा के अंतर्गत साहित्य और कला से जुड़े लोगों की भी भरमार रही हैं। प्रसिद्ध आलोचक नामवर सिंह हो या फिर कथाकार काशीनाथ सिंह, इनका चंदौली लोकसभा गृह जनपद रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का चंदौली गृह जनपद है। यही नहीं दिल्ली हावड़ा रेल रूट का सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन चंदौली लोकसभा के अंतर्गत आता है। एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड कहा जाने वाला पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन का रेलवे यार्ड यहीं पर स्थित है।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री DR. Mahendra Nath Pandey यहां से दो बार सांसद हैं। 2014 में महेंद्र नाथ पांडे ने बसपा के अनिल कुमार मौर्य को 1,56,756 मतों के अंतर से हराया था, जबकि 2019 के चुनाव में सपा गठबंधन के डॉक्टर संजय को डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे ने शिकस्त दी थी। 2024 के चुनाव में भी बड़े ब्राह्मण चेहरों में शामिल डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने भरोसा जताया है। महेंद्र नाथ पांडे को Chandauli Lok Sabha Seat से 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।

चंदौली के बारे में (About Chandauli)

चंदौली उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक है और यह वाराणसी मंडल में आता है। चंदौली की संसदीय संख्या 76 है। चंदौली पूर्व में बिहार, उत्तर पूर्व में गाजीपुर, दक्षिण में सोनभद्र, दक्षिण पूर्व में बिहार, और दक्षिण पश्चिम में मिर्जापुर की सीमाओं से घिरा है।

Chandauli जनपद में कुल पांच विधानसभा हैं, जिनमें मुगलसराय विधानसभा, सकलडीहा विधानसभा और सैय्यदराजा विधानसभा चंदौली जनपद के अंतर्गत आते हैं जबकि विधानसभा शिवपुर और विधानसभा अजगरा वाराणसी जनपद के अंतर्गत आते हैं।

1997 में चंदौली जिला बना था। उस समय प्रशासनिक उद्देश्य के लिए वाराणसी से अलग कर चंदौली जिले का गठन किया गया। यह देश के सबसे पिछड़े जिलों में आता है। पंचायती राज मंत्रालय ने 2006 में देश भर के 640 जिलों में पिछड़े जिलों की सूची जारी की। जिसमें 250 पिछड़े जिलों में चंदौली जिले को भी रखा गया था। यह उत्तर प्रदेश के उन 34 जिलों में से एक है जिसे बैकवर्ड रीजन ग्रांट फंड प्रोग्राम के तहत अनुदान दिया जाता है।

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कभी कांग्रेस का मजबूत किला रहे चंदौली में दो बार से लहरा रहा भगवा

चंदौली लोकसभा सीट हमेशा से सुर्खियों में रहा है। बीजेपी यहां से तीन बार जीत दर्ज कर चुकी है। चंदौली में कभी कांग्रेस का किला इतना मजबूत हुआ करता था कि डॉ राम मनोहर लोहिया भी उसे नहीं भेद पाए। लेकिन पिछले दो चुनाव में यहां भाजपा का परचम लहरा रहा है। काशी के बगल में बसे चंदौली के बारे में कहा जाता है कि यहां की राजनीतिक सोच काशी से मिलती-जुलती है।

जिस तरह वाराणसी से पीएम मोदी लगातार दो बार चुनाव जीतते आ रहे हैं उसी तरह चंदौली में भी बीजेपी सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे पिछले दो चुनाव जीतते आए हैं, और अब 2024 में भी बीजेपी में यहां जीत की हैट्रिक लगाने के लिए एक बार फिर महेंद्र नाथ पांडे पर दाव लगाया है।

वहीं, बसपा ने सत्येंद्र कुमार मौर्य को प्रत्याशी घोषित किया है तथा समाजवादी पार्टी की तरफ से इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर सपानेता वीरेंद्र सिंह को चंदौली लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।