Indian Air Force Day 2023 : क्या आप जानते हैं भारतीय वायु सेना के इतिहास, महत्व और उपलब्धियों के बारे में-भारतीय वायु सेना दिवस 2023

About Indian Air Force Day 2023 in Hindi : भारतीय वायु सेना भारतीय सशक्त सेनाओ का सबसे नया अंग है। भारतीय विधायिका द्वारा 8अक्टूबर 1932 को भारतीय वायुसेना विधेयक पारित किया गया जिसके बाद वायु सेना अस्तित्व में आई। अपने स्थापना काल से ही भारतीय वायु सेना की उपलब्धियों का उल्लेखनीय इतिहास रहा है। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) का मुख्य उद्देश्य है भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखना और संघर्ष के दौरान हवाई युद्ध का आयोजन करना।

Indian Air Force Day 2023_भारतीय वायु सेना 2023_About Indian Air Force

भारतीय वायु सेना दिवस के लिए तैयार है प्रयागराज (Prayagraj is Ready for Indian Air Force Day)

भारतीय वायु सेना दिवस (Indian Air force Day) 8 अक्टूबर को मनाया जाता है। भारतीय वायुसेना दिवस प्रत्येक वर्ष एक वार्षिक उत्सव की तरह मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्र के लिए वायु सेना के जवानों द्वारा दिए गए बलिदानों की याद दिलाता है। भारतीय वायुसेना ने कई ऐतिहासिक युद्ध में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) ने युद्ध के मैदान में अपने देश की रक्षा के लिए अभूतपूर्व कौशल का परिचय दिया है। भारतीय वायु सेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। 

आईए जानते हैं भारतीय वायु सेना के इतिहास और महत्व और इसकी उपलब्धियों के बारे मे-

क्या है भारतीय वायु सेना ? (What is Indian Air Force ?)

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) भारतीय सशस्त्र सेना का एक अंग है जो वायु युद्ध, वायु सुरक्षा एवं वायु चौकसी का महत्वपूर्ण कार्य देश के लिए करती है। भारत का राष्ट्रपति इस सशस्त्र बल सेना का सर्वोच्च कमांडर है। भारतीय वायु सेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित हिंडन वायु सेना स्टेशन एशिया का सबसे बड़ा एयरबेस है। भारतीय वायु सेना की पांच कमाने हैं, पश्चिमी कमान का मुख्यालय दिल्ली में है, प्रयागराज में केंद्रीय कमान, शिलांग में पूर्वी कमान, जोधपुर में दक्षिण- पश्चिमी कमान और तिरुवनंतपुरम में दक्षिणी कमान है।

भारतीय वायु सेना ने विभिन्न देशों द्वारा निर्मित 73 विभिन्न प्रकार के विमान को उड़ाया है। भारतीय वायुसेना द्वारा उड़ाया जाने वाला प्रथम हेलीकॉप्टर सिकॉर्स्की था। जिसका उपयोग 1954 से 1966 के बीच किया गया।

भारतीय वायु सेना दिवस का इतिहास (History of Indian Air Force Day)

 भारतीय वायु सेना भारतीय सशक्त सेनाओ का सबसे नया अंग है। भारतीय विधायिका द्वारा 8अक्टूबर 1932 को भारतीय वायुसेना विधेयक पारित किया गया जिसके बाद वायु सेना अस्तित्व में आई। 1 अप्रैल 1933 को पहले हवाई दस्ते का गठन हुआ, जो एक नंबर स्क्वाड्रन का हिस्सा बनी। इसमें 6 रॉयल एयर फोर्स प्रशिक्षित अधिकारी 19 हवाई सिपाही और चार वेस्टलैंड वापीति आई. आई. ए. सैन्य सहयोग विमान थे।वायु सेना दिवस को आधिकारिक तौर पर सर्वप्रथम 8 अक्टूबर 1932 को भारतीय साम्राज्य की सहायक वायु सेना के रूप में मनाया गया था। वर्ष 2023 में भारतीय वायु सेना के स्थापना के 91वी वर्षगांठ मनाई जा रही है।

भारतीय वायु सेना की उपलब्धियां (Achievement of Indian Air Force)

अपने स्थापना काल से ही भारतीय वायु सेना की उपलब्धियों का उल्लेखनीय इतिहास रहा है। भारतीय वायु सेना का मुख्य उद्देश्य है भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखना और संघर्ष के दौरान हवाई युद्ध का आयोजन करना। भारतीय वायु सेना को पाकिस्तान के साथ चार युद्ध और चीन के साथ एक युद्ध में शामिल किया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध में वायु सेना ने जापानी सेना को वर्मा में रोक कर सक्रिय भूमिका निभाई थी। भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण उपलब्धियां इस प्रकार हैं-

  • ऑपरेशन विजय (Operation vijay)- गोवा का दावा करने के लिए
  • ऑपरेशन मेघदूत (Operation Meghdoot)- विवादित कश्मीर क्षेत्र में सियाचिन ग्लेशियर को पकड़ने के लिए
  • ऑपरेशन कैक्टस (Operation Cactus)- मालदीव में बचाव अभियान
  • ऑपरेशन पोमलाई (Operation Poomalai)- श्रीलंका में जाफना शहर के घेरे वाले शहर पर हवाई ड्रॉप की आपूर्ति के लिए।
  • ऑपरेशन राहत (Operation Raahat)- उत्तराखंड में फ्लैश बार से पीड़ित लोगों के बचाव और राहत के लिए

भारतीय वायु सेना दिवस का आयोजन

भारतीय वायु सेना दिवस उत्सव (Indian Air Force Day Celebration) की शुरुआत 8 अक्टूबर को परेड से होती है। सभी वायु सेना स्टेशन अपने हवाई अड्डों पर संबंधित परेड आयोजित करते हैं। पारंपरिक सैन्य परेड एक ही प्रोटोकॉल का अनुसरण करते हैं। परेड की शुरुआत बिगुल की आवाज से दाहिनी ओर से होती है। पूरे उत्सव में परेड के साथ एक बैंड होता है। परेड ग्राउंड पर परेड के जुलूस के समय सभी उपस्थित लोगों के सम्मान में सभी वर्दीधारी वायु सैनिक परेड को सलामी देते हैं।

कहां होगी 2023 की वायु सेना परेड

भारतीय वायुसेना दिवस 8 October 2023 को अपनी 91 वी वर्षगांठ बना रहा है। इस वर्ष की वायु सेना दिवस परेड और वायु प्रदर्शन का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में किया जाएगा। औपचारिक परेड वायु सेना स्टेशन बमरौली में आयोजित की जाएगी और वायु प्रदर्शन प्रयागराज में आयुध डिपो किले के करीब संगम क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। वायु सेना दिवस समारोह का शुभारंभ एक सप्ताह पूर्व 30 सितंबर को मध्य प्रदेश के भोपाल के भोज ताल झील के निकट एक वायु प्रदर्शनी के साथ हो चुका है।

भारतीय वायु सेना दिवस का महत्व (Significance of Indian Air Force Day)

भारतीय वायु सेना संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के बाद विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। भारतीय वायु सेना के पास लगभग 1,70,000 पर्सनल और 1,500 विमान है। भारतीय वायु सेना दिवस राष्ट्र के लिए सशस्त्र बलों द्वारा दिए गए बलिदानों की याद दिलाता है। यह दिन सभी देशवासियों और वायु सेना की टीम को देशभक्ति की भावना और गर्व से भर देता है। भारतीय वायु सेना दिवस युवाओं को वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता है।

भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य (Ideal Sentence of Indian Air Force)

भारतीय वायु सेवा के अस्तित्व में आने के बाद से अपने आदर्श वाक्य “नभ: स्पृशं दीप्तम्”  के मार्ग पर चल रहा है जिसका अर्थ है, ‘गर्व के साथ आकाश को छूना’ वायु सेना का यह आदर्श वाक्य भागवत गीता के 11वे अध्याय से लिया गया है। भारतीय वायु सेना इसी आदर्श वाक्य के साथ अपने कार्यों को अंजाम देती है।

 
The motto of the Indian Air Force is
 
“Nabha Sparsham Deeptam” or “Touch the Sky with Glory”

कैसा है वायु सेना ध्वज

वायु सेना ध्वज नीले रंग का है। यह वायु सेना निशान से अलग है। नीले रंग के इस ध्वज के शुरुआती एक चौथाई भाग में राष्ट्रीय ध्वज बना है और बीच के हिस्से में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों अर्थात केसरिया श्वेत और हरे रंग से बना एक वृत्त है। भारतीय वायु सेना द्वारा 1951 में इस ध्वज को अपनाया गया।

एयर शो के लिए तैयार है प्रयागराज (Airshow in Prayagraj)

8 अक्टूबर को होने वाले वायु सेना दिवस के कार्यक्रम की तैयारी प्रयागराज में शनिवार से शुरू हो गई है। 8 अक्टूबर को प्रयागराज में संगम तट पर एयर शो का आयोजन होगा। 91वे वायु सेना दिवस के लिए प्रयागराज के साथ ही भोपाल के भोज ताल पर भी कार्यक्रम हुआ। 

रविवार को संगम तट पर कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गईं हैं। रोजाना सेना के एयरक्राफ्ट आकाश में दिखाई देंगे। जबकि फुल ड्रेस रिहर्सल 6 अक्टूबर को होगा। इस दौरान शाम को 3:00 बजे से 5:00 के बीच ठीक वैसा ही कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस आयोजन को देखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किले में ऊपर मौजूद रहेंगे। जबकि सामने वीआईपी घाट की ओर आमंत्रित विशिष्ट अतिथि सेना के वरिष्ठ अफसर व जिला प्रशासन के लोग बैठेंगे।

प्रयागराज में वायु सेना दिवस परेड के लिए अस्थाई अस्पताल का भी निर्माण किया जा रहा है। वायु सेना शो के मद्देनजर संगम क्षेत्र में पांच बिस्तरों का एक अस्थाई अस्पताल बनाया जाएगा। जिसमें हादसा या दुर्घटना होने पर इलाज के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी।

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Official website of Indian Air Force :

https://indianairforce.nic.in/