Arun Govil की उम्मीदवारी ने मेरठ को बनाया हॉट लोकसभा सीट: Lok Sabha 2024 Election

Lok Sabha Election 2024, Arun Govil: लगभग चार दशकों से लोगों के दिलों में राम के रूप में राज करने वाले अभिनेता अरुण गोविंल को मेरठ लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा ने जब से मेरठ की लोकसभा सीट से अरुण गोविल को उम्मीदवार बनाया है, तब से मेरठ हॉट लोकसभा सीट बन गई है और रविवार को मेरठ से प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी शंखनाद ने इस सीट को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

अरुण गोविल की उम्मीदवारी ने मेरठ को बनाया हॉट लोकसभा सीट: Lok Sabha 2024 Election

Lok Sabha Election 2024, Arun Govil: लगभग चार दशकों से लोगों के दिलों में राम के रूप में राज करने वाले अभिनेता अरुण गोविंल को मेरठ लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा ने जब से मेरठ की लोकसभा सीट से अरुण गोविल को उम्मीदवार बनाया है, तब से मेरठ हॉट लोकसभा सीट बन गई है और रविवार को मेरठ से प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी शंखनाद ने इस सीट को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

अरुण गोविल को ही मेरठ से उम्मीदवार क्यों बनाया गया?

भाजपा ने अरुण गोविल को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र मेरठ से अपना उम्मीदवार नामित किया है। मेरठ, अभिनेता अरुण गोविल का जन्म स्थान है। मेरठ से राज्य की 80 में से लगभग 19 सीटें हैं। 2009 से लगातार मेरठ सीट से चुनाव जीत रहे भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद राजेंद्र अग्रवाल को हटाकर अरुण गोविंद को टिकट दिया है। पिछले चुनाव में विपक्ष प्रत्याशी से मिली जबरदस्त टक्कर से सबक लेते हुए भाजपा ने न सिर्फ प्रत्याशी बदला है बल्कि गुटबाजी की आशंका को देखते हुए ऐसे चेहरे को उतारा है जिसका नाम जनता के बीच लोकप्रिय है।

कौन है अरुण गोविल (Who is Arun Govil) ?

भारतीय जनता पार्टी ने रामानंद सागर के पौराणिक सीरियल रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविंलको पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से मैदान में उतारा है। अरुण गोविल का जन्म 12 जनवरी 1952 को मेरठ में हुआ था। उनके पिता चंद्र प्रकाश गोविल एक सरकारी अधिकारी थे। अरुण गोविल ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। वे कॉलेज के दिनों में नाटकों और स्टेज शो में भाग लिया करते थे। 1975 में अरुण गोविल अपने भाई के साथ बिजनेस करने मुंबई गए लेकिन इस बात का उन्हें जल्द ही एहसास हो गया कि यह क्षेत्र उनके लिए नहीं है।

अरुण गोविल ने अभिनय का फैसला लिया। 1977 की फिल्म ‘पहेली’ से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला। अरुण गोविल के अभिनय ने निर्देशक ताराचंद बड़जात्या को प्रभावित किया। इसके बाद अरुण गोविल की तीन फिल्में आई जिनमें ‘सांच को आंच नहीं’ और ‘सावन को आने दो’ जैसी हिट फिल्में शामिल थी। अपने अभिनय करियर की शुरुआत में ही अरुण गोविल श्री लेखा से मिले। श्री लेखा एक कपड़ा डिजाइनर थी। अरुण गोविल ने श्री लेखा से विवाह किया उनके दो बच्चे हैं सोनल और अमल।

रामायण ने दिलाई प्रसिद्धि

1987 में अरुण गोविल ने रामानंद सागर की ‘विक्रम बेताल’ से टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा और रामानंद के ही सीरियल ‘रामायण’ से उन्हें ऐसी प्रसिद्धि मिली कि लोग उनकी तस्वीर पर फूल चढ़कर राम के रूप में पूजने लगे। रामायण सीरियल में अरुण गोविल ने भगवान राम के चरित्र का ऐसा जीवंत तो अभिनय किया कि आज तक वैसा अभिनय कोई नहीं कर पाया। आज भी अरुण गोविल रामायण के भगवान राम के रूप में लोगों के दिलों में बसते हैं। रामायण शो उन्हें घर-घर में मशहूर बना दिया।

राजनीतिक सफर

अरुण गोविल का राजनीतिक सफर बहुत लंबा नहीं है।1980 के दशक में अरुण गोविल ने कांग्रेस के लिए प्रचार किया, लेकिन सक्रिय राजनीति में आने में उन्हें कई दशक लग गए। 2021 में अरुण गोविल भाजपा पार्टी में शामिल हुए और 2024 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें मेरठ लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर मेरठ- हापुड़ सीट पर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

अब देखना यह है कि दशकों से राम के किरदार के रूप में लोगों के दिलों में राज कर रहे अरुण गोविल क्या मेरठ सीट जीत कर सांसद के रूप में भी जनता के दिलों पर राज करेंगे।