क्या आप जानते हैं वाराणसी से जुड़े इन रोचक तथ्यों के बारे में ? (Did you know about these interesting facts about the Varanasi/Kashi?)

Interesting facts About Varanasi/Kashi: वाराणसी भारत के साथ-साथ विश्व के प्राचीनतम आवासीय शहरों में से एक है। वाराणसी(Varanasi) को प्राचीन काल में काशी के नाम से जाना जाता था।
पर्यटन की दृष्टि से वाराणसी नगर (Varanasi City) महत्व है क्योंकि वाराणसी को धार्मिक नगरी भी कहा जाता है तथा यह भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल भी है। वाराणसी नगर अपने प्राचीनतम मंदिर और गंगा के खूबसूरत घाटों के लिए प्रसिद्ध है इसलिए वाराणसी को मंदिरों का शहर(city of temples) और घाटों का शहर(City of Ghats) भी कहा जाता है।
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interesting facts About the Varanasi City

Interesting facts About Varanasi/Kashi: वाराणसी भारत के साथ-साथ विश्व के प्राचीनतम आवासीय शहरों में से एक है। वाराणसी(Varanasi) को प्राचीन काल में काशी के नाम से जाना जाता था। काशी तीनों लोकों में न्यारी नगरी है जो भगवान शिव के त्रिशूल पर विराजती है। इसे पुराणों में आनंदवन, आनंदकानन तथा अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है।

काशी(Kashi) साक्षात सर्वतीर्थमायी, सर्वसंतापहारिणी तथा मुक्तिदायिनी है। कहा जाता है कि प्रलयकाल में भी इस नगरी का नाश नहीं होता। प्रलयकाल में शिवजी काशी को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेते हैं और ब्रह्मा जी जब नई सृष्टि का प्रारंभ करते हैं तो भगवान शिव काशी को पुनः भूतल पर स्थापित कर देते हैं। वरुणा और असि नाम की नदियों के बीच में होने के कारण इसका नाम वाराणसी पड़ा। वाराणसी दूसरी सहस्राब्दी तक आर्यधर्म एवं दर्शन का एक प्रमुख स्थल रहा है।

आइए जानते हैं वाराणसी के इतिहास के बारे में (Let us know about the ancient history of Varanasi)

वैदिक साहित्य के संहिता, ब्राह्मण एवं उपनिषद् में वाराणसी का उल्लेख मिलता है

वाराणसी (काशी)(Kashi) का प्राचीनतम इतिहास वैदिक साहित्य में उपलब्ध होता है। वैदिक साहित्य के संहिता, ब्राह्मण एवं उपनिषद् में वाराणसी का उल्लेख मिलता है। वाराणसी का सर्वप्रथम उल्लेख अथर्ववेद की पैपल्लाद शाखा में हुआ है। एक मंत्र में मंत्रकार एक रोगी से कहता है कि उसका ज्वर दूर हो जाए और ज्वर का प्रसार काशी–कौशल और मगध जनपदों में हो। इससे स्पष्ट है कि इस काल में यह तीनों जनपद आसपास थे। शुक्ल यजुर्वेद की ब्राह्मण ग्रंथ शतपथ ब्राह्मण में भी काशी का उल्लेख मिलता है।

वाराणसी का महाकाव्य में वर्णन (Description of Varanasi in epic)

महाभारत में वाराणसी का उल्लेख (Mention about Varanasi in Mahabharata)

महाभारत में वाराणसी का उल्लेख अनेक स्थलों पर हुआ है। महाभारत में इस तथ्य की पुष्टि होती है कि वरना का ही नाम वाराणसी है। एक अन्य स्थल पर भीष्म द्वारा काशीराज की तीन पुत्रियों अंबा, अंबिका और अंबालिका के स्वयंवर में जीतने का उल्लेख मिलता है।

व्यास की सत्साहस्त्री संहिता में काशी का उल्लेख दो प्रसंगों में हुआ है

  1.  तीर्थ के रूप में,
  2. महाभारत के युद्ध में पांडवों की ओर से लड़ने के प्रसंग में। वाराणसी का तीर्थ रूप में वर्णन सर्वप्रथम महाभारत में ही हुआ है।
Valmiki Ramayana And Varanasi_Interesing facts about Kashi Or Varanasi city
Pandava In Varanasi : Interesting facts About Varanasi Or Kashi

वन पर्व में पांडवों के अज्ञातवास के अवसर पर उनकी काशी आने का उल्लेख मिलता है। इसी में उल्लिखित है कि उस समय काशी में कपिलाहद नामक तीर्थ बड़ा प्रसिद्ध था। यही आजकल कपिलधारा के नाम से विख्यात है, जो पंचकोशी की प्रदक्षिणा मार्ग में अवस्थित है। महाभारत युद्ध में काशीराज का पांडवों की ओर लड़ने का प्रसंग आता है परंतु काशी का कौन सा राजा महाभारत युद्ध में लड़ने गया था इसका उल्लेख नहीं मिलता है।

वाल्मीकि रामायण में वाराणसी का उल्लेख (Mention about Varanasi in Valmiki Ramayana)

वाल्मीकि रामायण में वाराणसी का उल्लेख अपेक्षाकृत कम मिलता है। उत्तर कांड में काशीराज पुरुरवा का नाम आया है। यह भी उल्लेखित है कि दशरथ ने अपने अश्वमेध यज्ञ में काशीराज को भी आमंत्रित किया था।

महाकाव्यों के अतिरिक्त पुराणों में भी इस नगरी को शिवपुरी(Shivpuri) के नाम से संबोधित किया गया है। पुराणों में इसकी गणना भारत की सात मोक्षदायिनी पुरियों में की गई है। शिवपुराण, ब्रह्मपुराण, अग्निपुराण, मत्स्यपुराण आदि में भी वाराणसी का उल्लेख मिलता है। इसके साथ-साथ जैन और बौद्ध साहित्य में भी वाराणसी का उल्लेख मिलता है। जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म वाराणसी में हुआ था। इनके पिता अश्वसेन बनारस के राजा थे। महात्मा बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्त करने के पश्चात अपना पहला उपदेश सारनाथ में ही दिया था जो बनारस में है।
भारतीय राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी वाराणसी का नाम अविस्मरणीय है। इस नगरी में क्रांतिकारी सहित चंद्रशेखर आजाद तथा जितेंद्रनाथ सान्याल सरीखे वीर सपूतों का जन्म हुआ।

महामना पंडित मदन मोहन मालवीय, लाल बहादुर शास्त्री और डॉक्टर संपूर्णानंद जैसे महापुरुषों का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थल ( Best Places To Visit In Varanasi )

पर्यटन की दृष्टि से वाराणसी नगर (Varanasi City) महत्व है क्योंकि वाराणसी को धार्मिक नगरी भी कहा जाता है तथा यह भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल भी है। वाराणसी नगर अपने प्राचीनतम मंदिर और गंगा के खूबसूरत घाटों के लिए प्रसिद्ध है इसलिए वाराणसी को मंदिरों का शहर(city of temples) और घाटों का शहर(City of Ghats) भी कहा जाता है।

आइए जानते हैं वाराणसी के प्रमुख मंदिरों के बारे में (Let’s know about the main temples of Varanasi)-

1. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (Shri Kashi Vishwanath Mandir, Varanasi )

वाराणसी को बाबा विश्वनाथ धाम के नाम से भी जाना जाता है। श्री विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग काशी में अवस्थित है। निराकार महेश्वर ही यहां भोलेनाथ श्री विश्वनाथ के रूप में अवस्थित है।

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2. मां अन्नपूर्णा मंदिर (Maa Annapurna Mandir)

काशी विश्वनाथ मंदिर के पास आने की देवी मां अन्नपूर्णा का मंदिर है।

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3. संकट मोचन मंदिर (Sankat Mochan Mandir)

काशी विश्वनाथ के बाद वाराणसी का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है संकटमोचन मंदिर। यह हनुमान जी का मन्दिर है जिसकी स्थापना गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा की गई है।

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4. तुलसी मानस मंदिर (Tulsi Manas Mandir)

वाराणसी का यह प्राचीन मंदिर भगवान राम को समर्पित है। यह वही स्थान है जहां पर गोस्वामी तुलसीदास ने महाकाव्य श्री रामचरितमानस की रचना की थी।

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5. संकटा मंदिर (Sankata Devi Mandir)

‘संकट विमुक्तदायिनी देवी’ देवी संकटा का एक महत्वपूर्ण मंदिर है।

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6. काल भैरव मंदिर (Kaal Bhairav Mandir, Varanasi)

‘वाराणसी के कोतवाल’ के रूप में माने जाने वाले भगवान काल भैरव का मंदिर विशेश्वरगंज में हेड पोस्ट ऑफिस के पास स्थित है।

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7. दुर्गा मंदिर (Durga Temple Of Varanasi)

मां दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप में विद्यमान यह मंदिर 18वीं सदी में बनाया गया था।

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8. मृत्युंजय महादेव मंदिर (Mrityunjay Mahadev Temple Of Varanasi)

भगवान शिव का यह मन्दिर काल भैरव मन्दिर के निकट दारानगर के मार्ग पर स्थित है।

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9. विश्वनाथ मंदिर बीएचयू (Shri Kashi Vishwanath Temple BHU )

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के परिसर में नया विश्वनाथ मंदिर स्थित है।

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10. भारत माता मंदिर (Bharat Mata Mandir, Varanasi)

 इस मंदिर में संगमरमर से भारत माता का चित्र बनाया गया है।

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क्या आप जानते हैं वाराणसी के इन प्रसिद्ध घाट के बारे में ? (Do you know about these famous ghats of Varanasi?)

वाराणसी में मंदिरों के साथ-साथ खूबसूरत भारतीय पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वाराणसी को घाटों का शहर कहा जाता है। यहां गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट हैं। यह सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। वाराणसी के घाट गंगा नदी के धनुष की आकृति होने के कारण मनोहारी लगते हैं।

आइए जानते हैं वाराणसी के कुछ प्रसिद्ध घाटों के बारे में (Let us know about some famous ghats of Varanasi.)

1. दशाश्वमेध घाट (Dashashwamedh Ghat Varaansi)

2. अस्सी घाट (Assi Ghat, Varanasi)

3. तुलसी घाट (Tulsi Ghat, varanasi)

4. हरिश्चंद्र घाट (Harishchandra Ghat, varanasi)

5. केदार घाट (Kedar Ghat Varanasi )

6. राजेंद्र घाट (Rajendra Ghat, Varanasi)

7. मणिकर्णिका घाट (Manikarnika Ghat - Manikarnika Mahashamshan Ghat, varanasi)

8. चेत सिंह घाट (Chet Singh Ghat, Varanasi)

9. पंचगंगा घाट (Panchganga Ghat in Varanasi)

10. राजघाट (RajGhat In Varanasi)

11.आदि केशवघाट ( Adi Keshava Ghat Varanasi)

इन घाटों के अतिरिक्त गायघाट, लालघाट, सिंधिया घाट आदि ऐसे घाट है जो काशी के सौंदर्य को उद्भाषित करते हैं।

 

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