June 25, 2024

क्या आप जानते हैं प्रयागराज की इन प्रसिद्ध जगहों के बारे में ? (Do you know about these famous places of Prayagraj?)

Best Places to visit In Prayagraj/Allahabad :आइए जानते हैं प्रयागराज की कुछ प्रसिद्ध जगहों के बारे में (Let’s know about some famous places of Prayagraj ) –

1. प्रयागराज का त्रिवेणी संगम (Triveni Sangam Prayagraj)
2. प्रयागराज का किला (Akbar Fort, Prayagraj)
3. प्रयागराज का अशोक स्तंभ (Ashoka Pillar Prayagraj)
4. प्रयागराज का नवीन यमुना सेतु (New Yamuna Bridge Prayagraj)
5. प्रयागराज का खुसरो बाग (Khusro Bagh, Prayagraj)
6. प्रयागराज का आनंद भवन (Anand Bhawan Museum, Prayagraj)
7. ऑल सेंट्स कैथेड्रल चर्च (All Saints’ Cathedral, Prayagraj)

Best Places To Visit In Prayagraj : About Prayagraj/Allahabad

Best Places To Visit In Prayagraj/Allahabad : प्रयागराज(Prayagraj) का नाम पहले ‘इलाहाबाद’ था। मुगल सम्राट अकबर ने अपने शासनकाल में प्रयाग का नाम बदलकर ‘इलाहाबाद’(Allahabad) रख दिया। कहा जाता है कि अकबर ने दीन–ए–इलाही धर्म को अपनाया था। इस इलाही धर्म के नाम के आधार पर अकबर ने प्रयाग का नाम ‘इलाहाबाद’ रख दिया। तब से यह शहर इलाहाबाद कहा जाने लगा, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी ने जब शासन की बागडोर संभाली तो सर्वप्रथम उन्होंने इलाहाबाद(Allahabad) का नाम फिर से प्रयागराज(Prayagraj) कर दिया क्योंकि यह हमारी प्राचीन संस्कृति और सभ्यता को दर्शाता है।

Read More About Prayagraj

आइए जानते हैं प्रयागराज की कुछ प्रसिद्ध जगहों के बारे में (Let's know about some famous places of Prayagraj ) -

1. प्रयागराज का त्रिवेणी संगम (Triveni Sangam Prayagraj)

Triveni Sangam Prayagraj

प्रयागराज की सबसे प्रसिद्ध जगह है त्रिवेणी का संगम ( (Triveni Sangam Prayagraj),  यह वह स्थान है जहां गंगा की निर्मल धारा, यमुना के हरे जल में मिलती है और अदृश्य मानी जाने वाली सरस्वती भी यहीं मिलती हैं। ऐसा माना जाता है कि अदृश्य सरस्वती नदी भूगर्भ में बहती है। हिंदू धर्म के लिए संगम की एक डुबकी जीवन को पवित्र कर देती है। संगम(Sangam) के तट पर ही महाकुंभ और अर्धकुंभ का आयोजन किया जाता है। इन दोनों ही आयोजनों पर देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।

कुंभ के दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ लग जाती है। ऐसा लगता है मानो एक नया शहर ही त्रिवेणी तट पर बसा हो। ऐसा माना जाता है कि पवित्र जल छू लेने मात्र से सभी जन्मों के पाप धुल जाते हैं। जहां नदियों का संगम है वहां के पानी के रंगों में अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है; गंगा का पानी हल्का पीलापन लिए हुए और यमुना का पानी हरापन लिए हुए हैं।

2. प्रयागराज का किला (Akbar Fort, Prayagraj)

Akbar Fort, Prayagraj : About Allahabad City

त्रिवेणी के तट पर स्थित अकबर का किला (Akbar Fort, Prayagraj) पर्यटकों को समृद्ध इतिहास की याद दिलाता है। 1583 में निर्मित यह किला वास्तुकला का खूबसूरत नमूना है। मुगल सम्राट अकबर प्रयागराज की आभा से बहुत प्रभावित था इसलिए उसने किले का निर्माण कराया।

हिंदुओं का पवित्र वृक्ष ‘अक्षयवट’(Akshayavat) किले के अंदर स्थित है। किले के अंदर अकबर ने पातालपुरी मंदिर का निर्माण करवाया था। ऐसी मान्यता है कि अकबर की पत्नी जोधाबाई, जो हिंदू धर्म से थीं, उनकी पूजा-अर्चना के लिए अकबर ने पातालपुरी का निर्माण करवाया था। पुरातत्व सर्वेक्षण ने प्रयागराज किले को राष्ट्रीय महत्त्व स्मारक के रूप में वर्गीकृत किया है।

3. प्रयागराज का अशोक स्तंभ (Ashoka Pillar Prayagraj)

Ashoka Pillar Prayagraj : Places to visit in Prayagraj/Allahabad

 अशोक स्तंभ (Ashoka Pillar Prayagraj) गुप्त युग का एक महत्वपूर्ण अवशेष है। यह स्तंभ मौर्य सम्राट अशोक द्वारा स्थापित कई स्तंभों में से एक है। इस स्तंभ को इसकी मूल जगह से प्रयागराज किले में स्थानांतरित कर दिया गया है, जो वर्तमान में सेना के कब्जे में हैं। स्तंभ पर जाने के लिए पर्यटकों को सेना की अनुमति लेनी पड़ती है।

4. प्रयागराज का नवीन यमुना सेतु (New Yamuna Bridge Prayagraj)

New Yamuna Bridge Prayagraj : Places to visit in Prayagraj/Allahabad

 नया यमुना पुल प्रयागराज (New Yamuna Bridge Prayagraj) की विशिष्ट जगहों में से एक है। इस पुल को देखकर इसके उत्कृष्ट वास्तुकला का बोध होता है। प्रातः तथा संध्याकाल में इस सेतु का मनोरम दृश्य सम्मोहित कर लेता है।
नवीन यमुना सेतु भारत के सबसे लंबे केबल वाले पुलों में से एक है। यह नैनी क्षेत्र को प्रयागराज से जोड़ता है इसलिए इसे नैनी ब्रिज भी कहा जाता है। यह भारत में निर्मित पहला छः लेन वाला पुल है। यह आधुनिक डिजाइन और संरचना के साथ निर्मित है।

5. प्रयागराज का खुसरो बाग (Khusro Bagh, Prayagraj)

Khusro Bagh_Prayagraj, Places to visit in Prayagraj/Allahabad

खुसरो बाग प्रयागराज (Khusro Bagh, Prayagraj) के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। खुसरो बाग एक विशाल ऐतिहासिक बाग है। यहां चारदीवारी के भीतर खूबसूरत बाग में बलुआ पत्थरों से बने तीन मकबरे हैं जो वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण हैं। यहां जहांगीर के बेटे खुसरो और सुल्तान बेगम के मकबरे हैं। बेगम के मकबरे के बगल में खुसरो की बहन निथार का मकबरा स्थित है।

निथार का मकबरा वास्तुशिल्प के लिहाज से सबसे ज्यादा खूबसूरत है। कहा जाता है कि खुसरो को अपने पिता जहांगीर के प्रति विद्रोह करने के बाद इसी बाग में नजरबंद रखा गया था। यह बाग अमरूद के पेड़ों और गुलाब के एक विस्तृत सुंदर बगीचों से सजा हुआ है। यह प्रयागराज में पर्यटन के लिए सबसे खूबसूरत जगह है।

6. प्रयागराज का आनंद भवन (Anand Bhawan Museum, Prayagraj)

Anand Bhawan Museum, Prayagraj, Places to visit in Prayagraj/Allahabad

 आनंद भवन प्रयागराज (Anand Bhawan Museum, Prayagraj) का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आनंद भवन का निर्माण मोतीलाल नेहरू जी द्वारा वर्ष 1930 में कराया गया था और यह नेहरू परिवार का निवास स्थान था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा बाद में से इनके स्थानीय मुख्यालय स्वराज भवन में परिवर्तित कर दिया गया। आनंद भवन के बगल में जवाहर नक्षत्रशाला (प्लेनेटोरियम) भी यहीं स्थित है। 1970 में इंदिरा गांधी ने इसे भारत सरकार को दान कर दिया था तभी से इसके रखरखाव की सारी जिम्मेदारी सरकार पर है।

7. ऑल सेंट्स कैथेड्रल चर्च (All Saints' Cathedral, Prayagraj)

All Saints' Cathedral, Prayagraj, Places to visit in Prayagraj/Allahabad

 ऑल सेंट्स कैथेड्रल चर्च प्रयागराज (All Saints’ Cathedral, Prayagraj) के एमजी मार्ग पर स्थित एक शानदार क्रिश्चियन चर्च है। यह पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसकी स्थापना पूर्व में 1879 में लेडी मुइर एलिजाबेथ हॉटली वेमिस द्वारा की गई थी।