विश्व एड्स दिवस–1 दिसंबर, 2022 (World AIDS Day- 1 December 2022)

एचआईवी (HIV) संक्रमण आज स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती है। वैसे तो इस रोग का कोई इलाज नहीं है, सावधानी ही बचाव है यह हमेशा याद रखना होगा। हालांकि कुछ वर्षों से वैज्ञानिक इसका उपचार ढूंढने के लिए तेजी से कार्य कर रहे हैं। एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कम से कम 38.1 मिलियन लोग एड्स से संक्रमित है। 2030 तक एड्स को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य संगठन कार्य कर रहे हैं।
HIV infection is a big challenge for the health sector today. Although there is no cure for this disease, caution is the only prevention, it must always be remembered. Although for some years scientists are working fast to find its treatment. World AIDS Day is observed every year on 1 December to spread awareness about AIDS. If you look at the statistics, at least 38.1 million people are infected with AIDS. Health organizations are working to end AIDS by 2030.
World AIDS Day – 1 December 2022

Worlds AIDS DAY 2022

World AIDS Day 2022 : एचआईवी (HIV) संक्रमण आज स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती है। वैसे तो इस रोग का कोई इलाज नहीं है, सावधानी ही बचाव है यह हमेशा याद रखना होगा। हालांकि कुछ वर्षों से वैज्ञानिक इसका उपचार ढूंढने के लिए तेजी से कार्य कर रहे हैं। एड्स (AIDS) के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस(World AIDS Day) मनाया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कम से कम 38.1 मिलियन लोग एड्स से संक्रमित है। 2030 तक एड्स(AIDS) को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य संगठन कार्य कर रहे हैं।

क्या है एड्स? (What is AIDS )

एड्स (AIDS– Acquired Immuno–Deficiency Syndrome) एक वायरस जनित अनुवांशिक रोग है। इसको जन्म देने वाले विषाणु का नाम एचआईवी(HIV–Human Immunodeficiency Virus) है। यह वायरस शरीर में पाई जाने वाली टी कोशिकाओं को नष्ट करने के साथ-साथ उनकी उत्पादन को भी अवरुद्ध कर देता है। टी कोशिकाएं श्वेत रक्त कणिकाओं(W.B.C) में पाई जाती है। अतः इनके नष्ट होने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर पड़ जाती है और व्यक्ति विभिन्न रोगों का शिकार होने लगता है। किसी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने के बाद एचआईवी काफी लंबे समय तक (2–20 वर्ष) तक निष्क्रिय पड़ा रहता है। इसके सक्रिय होने पर ही एड्स की शुरुआत होती है। आता एचआईवी (HIV) से संक्रमित व्यक्ति एड्स का रोगी हो यह जरूरी नहीं है लेकिन ऐसे संक्रमित व्यक्तियों को भविष्य में एड्स होना सुनिश्चित है।

एड्स के लक्षण (Symptoms of AIDS)

एड्स हो जाने पर मरीज का वजन घटने लगता है; घटने की दर 1 महीने में लगभग 10% होती है।
1 माह तक लगातार या रुक–रुक कर डायरिया एवं बुखार की शिकायत रहती है।
वास्तव में एड्स पीड़ित के शरीर में 1 से अधिक रोगों के लक्षण प्रकट होने लगते हैं। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है यह एक ‘सिंड्रोम’ अर्थात ‘रोग के लक्षण संकेतों’ का समूह है । इसलिए भारत में एड्स पीड़ितों का इलाज कभी टीवी, कभी कैंसर, कभी कॉलरा तो कभी निमोनिया या दस्त जैसे लक्षणों के लिए किया जाता है।

एड्स के कारण (Causes of AIDS) -

एड्स (AIDS) फैलने  के अभी तक 7 कारणों का पता लगाया जा चुका है:-

  1. समलैंगिक
  2. संबंध
  3. संक्रमित सुइयों आदि का प्रयोग
  4. एक से अधिक स्त्री–पुरुष के साथ असुरक्षित यौन संबंध
  5. संक्रमित माता द्वारा गर्भावस्था में ही शिशु में एचआईवी का संचरण अथवा शिशु के जन्म के समय
  6. प्लेसेंटा अथवा संक्रामित माता के दूध द्वारा।
  7. कृत्रिम गर्भाधान में संक्रमित शुक्राणु का उपयोग।
  8. अंगों के प्रत्यारोपण में असावधानी
  9. संक्रमित रक्त का प्रयोग

एड्स से संबंधित भ्रांतियां (Myths related to AIDS)

लोगों को यह जागरूक करने की आवश्यकता है कि संक्रमित व्यक्ति का चुंबन लेने, हाथ मिलाने या गले मिलने से, संक्रमित व्यक्ति के साथ यात्रा करने, भोजन करने अथवा पानी पीने से, मच्छरों के काटने से तथा खांसने या थूकने से एड्स (AIDS) नहीं फैलता है।

एड्स से बचाव (Prevention from AIDS)–:

एड्स से बचाव के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (National AIDS Control Organization) द्वारा एक सूत्र वाक्य की घोषणा की गई है, “जानकारी ही बचाव है।”

एचआईवी संक्रमण है या नहीं कैसे पता करें? (How to know if you have HIV infection or not?)

एचआईवी संक्रमण (HIV) पता करने का एकमात्र तरीका है एचआईवी परीक्षण करवाना जिसके लिए रक्त सैंपल लिया जाता है। इसके अलावा सेल्फ टेस्ट किट के माध्यम से इसकी जांच की जाती है।

एड्स का इलाज (AIDS treatment)

एक बार संक्रमण हो जाने पर इससे बचा नहीं जा सकता। यह एक लाइलाज बीमारी है। वैसे अमेरिका में 1996 में ‘ट्रिपल ड्रग थेरेपी’ का प्रयोग किया जा रहा है। इसमे दो प्रकार के मिश्रणों का उपयोग किया जाता है। यह मिश्रण हैं– रिवर्स ट्रांसक्कृपटेज तथा प्रोटीनेज इन्हिबिटर। इस मिश्रण का प्रयोग प्रभावशाली तो है किंतु यह औषधि विधि इतनी महंगी है कि आम आदमी की पहुंच से बाहर है और इसके साइड इफेक्ट भी बहुत खतरनाक होते हैं।

विश्व एड्स दिवस 2022 की थीम (Theme of World AIDS Day 2022)

1 दिसंबर 2022 को मनाए जाने वाले विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) की थीम है ‘EQUALIZE’ अर्थात समानता। इस थीम को रखने के पीछे तर्क ये है कि सभी को समान अधिकार और अवसर देना। दूसरे शब्दों में एड्स से संबंधित सेवाओं को बिना किसी भेदभाव के एड्स से संबंधित लोगों के लिए समान बनाना जिसमें ट्रांसजेंडर लोग, ड्रग्स का उपयोग करने वाले लोग, यौनकर्मी, कैदी आदि लोग शामिल हैं। यह थीम ऐसी असमानताओं को पहचानने के लिए केंद्रित रहेगी जो एड्स को समाप्त करने की रफ्तार को धीमा कर रही है।