अपना भविष्य सुरक्षित रखने के प्रयास में महुआ मोइत्रा

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अपने तेज तर्रार भाषणों से फायरब्रांड नेता की छवि रखने वाली महुआ मोइत्रा को टीएमसी ने कृष्णानगर सीट से टिकट दिया है। महुआ मोइत्रा के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव ‘करो या मरो’ जैसा है क्योंकि महुआ मोइत्रा कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकसभा से निष्कासित कर दी गई थी। पैसे और उपहार लेकर संसद में सवाल पूछने व विदेश में बैठे उद्योगपति को संसद का अपना लॉग इन आईडी व पासवर्ड देने के मामले में दोषी करार देते हुए लोकसभा की आचार समिति महुआ की संसद सदस्यता रद्द कर चुकी है, लेकिन ममता बनर्जी महुआ को निर्दोष मानती हैं और ममता बनर्जी ने कृष्णा नगर सीट से महुआ मोइत्रा को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में कृष्णा नगर सीट टीएमसी की प्रतिष्ठा से जुड़ गई है।

महुआ मोइत्रा का राजनीतिक सफर

तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 2019 में पहली बार संसद पहुंची महुआ मोइत्रा ने कम ही दिनों में भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण जगह बना ली है। उनकी छवि एक फायर ब्रांड नेता के रूप में है। कौन है महुआ मोइत्रा? जिनको टीएमसी ने संसद सदस्यता रद्द होने के बावजूद भी दिया टिकट –

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक बंगाली ब्राह्मण के घर जन्मी महुआ मोइत्रा हायर एजुकेशन के बाद अमेरिका चली गई। अमेरिका से उन्होंने आगे की पढ़ाई की। इसके बाद वह लंदन की प्रतिष्ठित बैंकिंग कंपनी में नौकरी करने लगीं।देखते ही देखते वह कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट बन गईं। लंदन में शानो शौकत की नौकरी कर रही महुआ मोइत्रा ने भारतीय राजनीति में आने का फैसला किया।

इन्वेस्ट बैंकर से बनी सांसद

महुआ मोइत्रा राजनीति में कदम रखने से पहले न्यूयार्क और लंदन के जेपी मॉर्गन चेज में इन्वेस्ट बैंकर थीं।2008 में राहुल गांधी से प्रभावित होकर उन्होंने जेपी मॉर्गन के वाइस प्रेसीडेंट पद से इस्तीफा दे दिया और यही से शुरू हुआ महुआ का राजनीतिक सफर। 2009 में महुआ भारत लौटीं और भारतीय राजनीति के में हाथ आजमाने के लिए कांग्रेस में शामिल हो गईं,लेकिन कुछ ही दिनों में कांग्रेस से उनका मोह भंग हो गया। 2010 में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं।

देखते ही देखते महुआ का राजनीतिक जीवन परवान चढ़ने लगा। अपनी भाषण क्षमता और जुझारूपन व्यक्तित्व के कारण महुआ जल्दी ही ममता बनर्जी की करीबी बन गई और 2016 के विधानसभा चुनाव में करीमपुर से विधायक बनीं। 2019 में पहली बार टीएमसी के टिकट पर लोकसभा पहुंचीं। उन्होंने भाजपा के कल्याण चौबे को 63 हजार मतों से हराया था।

महुआ मोइत्रा हैं तलाकशुदा

महुआ नेडेनिस फाइनेंसर लॉर्स ब्रॉर्सन से शादी की थी। हालांकि महुआ की शादी लंबी नहीं चली और दोनों के बीच तलाक हो गया।

महुआ के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति

महुआ मोइत्रा 2024 के चुनाव में कृष्णा नगर सीट से टीएमसी की उम्मीदवार हैं और अब उनके ऊपर इस सीट से किसी भी हाल में जीत दर्ज करने की चुनौती हैं। ममता की पार्टी हर हाल में जीत दर्ज कर यह साबित करना चाहती है कि जनता ने महुआ पर लगे आरोपों को नकार दिया है। इस वजह से ममता बनर्जी ने पहले चरण में मतदान वाले संसदीय क्षेत्र को छोड़कर कृष्णा नगर से चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया, जबकि कृष्णा नगर में चौथे चरण में मतदान है।

महुआ मोइत्रा का कॉर्पोरेट सियासी मिजाज उन्हें कई मायनों में अलग बनाता है। फायर ब्रांड नेता की छवि बना चुकी महुआ टीम के साथ चुनावी रणनीति मजबूत करने में जुटी हैं। अब देखना है कि लोकसभा संसद सदस्यता खो चुकी महुआ मोइत्रा फिर से संसद पहुंचने में कामयाब होती है या नहीं।