Ayodhya, Ram Mandir : अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आज से शुरू

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए सजाई जा रही अयोध्या लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ा भक्तमाल की बगिया में रामायण कालीन प्रसंग पर मूर्तियां लगाई गई हैं। पूरी अयोध्या नगरी भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा के लिए तैयार है। प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 16 जनवरी से शुरू हो रहा है।

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आज से शुरू_Ayodhya ram mandir

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आज से शुरू

Ayodhya, Ram Mandir:  प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए सजाई जा रही अयोध्या लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ा भक्तमाल की बगिया में रामायण कालीन प्रसंग पर मूर्तियां लगाई गई हैं। पूरी अयोध्या नगरी भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा के लिए तैयार है। प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 16 जनवरी से शुरू हो रहा है।

 इससे दो दिन पूर्व 14 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविण के साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव यहां पहुंच गए हैं।प्रतिष्ठाचार्य पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित आज आएंगे। अचार्य अरुण दीक्षित ने बताया कि यज्ञ मंडप में 18 कलश स्थापित किए जाएंगे। इनमें 10 कलश 10 दिग्पालों के लिए होंगे। चार द्वार पर चार अलग-अलग कलश एवं ब्रह्मा एवं अनंत के लिए भी कलश स्थापना होगी।

गणपति पूजन संग विधिवत अनुष्ठान

आचार्य जोधकर ने बताया कि इस यज्ञ मंडप में अरणि मंथन से 19 जनवरी को अग्नि प्रज्जवलित की जाएगी इसके साथ होम आदि अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि यज्ञ मंडप में षोडश स्तंभों के अलावा चार द्वार हैं। ये चार द्वार चतुर्वेद के प्रतीक हैं। इनमें पूर्व द्वारा ऋग्वेद, दक्षिण द्वार यजुर्वेद, पश्चिम द्वार सामवेद व उत्तर द्वारा अथर्ववेद का प्रतीक माना गया है।

वास्तु शांति के लिए भी होगा पूजन

 इन चारों द्वारों पर द्वार सूक्त का पारायण और वास्तु शांति के लिए पूजन भी 19 जनवरी को किया जाएगा। यहां बनाए गए हवन कुंड में दो चतुरस्र कुंड के अतिरिक्त योनि कुंड, त्रिकोण कुंड, षडस्र कुंड, अष्टास्त्र कुंड, अर्ध चंद्रकुंड, पद्म कुंड और वृत्त कुंड बनाए गए हैं।

आइए जानते हैं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तिथियों के बारे में -

16 जनवरी

 कर्म कुटी में पूजा, प्रायश्चित पूजन व यजमान दशाविधि स्नान

17 जनवरी

कलश यात्रा, जन्मभूमि परिसर में श्री विग्रह का परिभ्रमण।

18 जनवरी

रामलाल के विग्रह का अधिवास शुरू हो जाएगा।

19 जनवरी

अग्नि कुंडों में अग्नि प्रज्वलन के लिए अरणि मंथन किया जाएगा।

20 जनवरी

सुबह पुष्प अधिवास, रत्न अधिवास के साथ ही साथ शाम को रामलाल का घृत अधिवास।

21 जनवरी

सुबह शर्करा मिष्ठान और मधु अधिवास, शाम को औषधि और शैय्या अधिवास

22 जनवरी

 12:29:8 से 12:30: 32 तक प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की विधि।