Ram Mandir Ayodhya: जानिए क्या है पीएम मोदी का 11 दिन का अनुष्ठान

Ram Mandir Ayodhya: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा से पहले 11 दिन का अनुष्ठान कर रहे हैं। अपने 11 दिनों के अनुष्ठान की शुरुआत पीएम मोदी ने पंचवटी, नासिक से की है। अपना अनुष्ठान प्रारंभ करने से पहले पीएम ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था,

“मेरा सौभाग्य है कि मैं भी इस पुण्य अवसर पर साक्षी बनूंगा। प्रभु ने मुझे प्राण प्रतिष्ठा के दौरान सभी भारतवासियों का प्रतिनिधित्व करने का निमित्त बनाया है।”

जानिए क्या है पीएम मोदी का 11 दिन का अनुष्ठान_Ayodhya Ram Mandir

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा से पहले 11 दिन का अनुष्ठान कर रहे हैं। अपने 11 दिनों के अनुष्ठान की शुरुआत पीएम मोदी ने पंचवटी, नासिक से की है। अपना अनुष्ठान प्रारंभ करने से पहले पीएम ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था,

“मेरा सौभाग्य है कि मैं भी इस पुण्य अवसर पर साक्षी बनूंगा। प्रभु ने मुझे प्राण प्रतिष्ठा के दौरान सभी भारतवासियों का प्रतिनिधित्व करने का निमित्त बनाया है।”

आईए जानते हैं अपने अनुष्ठान के दौरान मोदी किन-किन नियमों का पालन करेंगे और क्या है अनुष्ठान का महत्व –

भगवान राम से जुड़े सभी स्थलों पर जायेंगे

पीएम मोदी के अनुष्ठान का आज पांचवा दिन है। अनुष्ठान की शुरुआत प्रधानमंत्री ने नासिक के पंचवटी से की है। पंचवटी वही स्थान है जहां वनवास के दौरान प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ रहे थे। अपने इस अनुष्ठान में प्रधानमंत्री उन सभी मंदिर स्थलों पर जायेंगे जो भगवान श्री राम से जुड़े हैं।

3 दिन पहले बिस्तर पर नहीं सोएंगे

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा से 3 दिन पहले पीएम मोदी बिस्तर पर नहीं सोएंगे। इस दौरान वे लकड़ी की चौकी पर सिर्फ एक कंबल बिछाकर सोएंगे।

उपवास रखेंगे

अनुष्ठान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कठोर उपवास रखेंगे। और केवल फलों का सेवन करेंगे।

जटायु की मूर्ति पूजा करेंगे

प्राण प्रतिष्ठा के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्ण व्रत रखेंगे। पीएम मोदी जटायु की मूर्ति की पूजा भी करेंगे। जटायु की मूर्ति उन सभी लोगों के प्रतीक के रूप में बनाई गई है जिन्होंने मंदिर के लिए बलिदान दिया है।

क्या है अनुष्ठान का महत्व ?

शास्त्रों में देव प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा एक विशद एवं वृहद प्रक्रिया है। इसके लिए विस्तृत नियम बताए गए हैं। इन नियमों का प्राण प्रतिष्ठा की कई दिन पहले से पालन करना होता है। पीएम मोदी भी इन नियमों का कठोरता से पालन कर रहे हैं।