Atique Ahmed News : आतंक का पर्याय रहे अतीक अहमद के खिलाफ 33 वर्षों से जंग लड़ रही एक ऐसी औरत की कहानी जिसने अतीक की ईंट से ईंट बजा दी

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दुनिया के लिए बाहुबली माफिया अतीक अहमद ने जिस औरत का सुख चैन छीन लिया, उसका सब कुछ तबाह कर दिया, वह महिला 33 वर्षों से अतीक को मुंहतोड़ जवाब देती आ रही है। धूमनगंज के झलवा की सूरज कली एक ऐसी नारी शक्ति का प्रतीक बन चुकी है। जिसने अतीक की ईट से ईट बजा दी है, जिस अतीक के सामने सब की बोलती बंद हो जाती थी, जिस अतीक ने उसका सब कुछ छीन लिया वह सूरज कली आज भी बिना डरे अतीक अहमद के खिलाफ 33 वर्षों से लड़ रही है। अतीक ने इस महिला का पति, भाई, जमीन सब कुछ छीन लिया लेकिन वह पीछे नहीं हटी। आज हम आपको बताते हैं इस महिला की दुख भरी कहानी

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 दुनिया के लिए बाहुबली माफिया अतीक अहमद(Atique Ahmed) ने जिस औरत का सुख चैन छीन लिया, उसका सब कुछ तबाह कर दिया, वह महिला 33 वर्षों से अतीक को मुंहतोड़ जवाब देती आ रही है। धूमनगंज के झलवा की सूरज कली (Suraj Kali) एक ऐसी नारी शक्ति का प्रतीक बन चुकी है। जिसने अतीक की ईट से ईट बजा दी है, जिस अतीक के सामने सब की बोलती बंद हो जाती थी, जिस अतीक ने उसका सब कुछ छीन लिया वह सूरज कली आज भी बिना डरे अतीक अहमद के खिलाफ 33 वर्षों से लड़ रही है। अतीक ने इस महिला का पति, भाई, जमीन सब कुछ छीन लिया लेकिन वह पीछे नहीं हटी। आज हम आपको बताते हैं इस महिला की दुख भरी कहानी

अतीक अहमद (Atique Ahmed)आज दया की भीख मांग रहा है। उसके संबंधी फरियाद लगा रहे हैं लेकिन जब अतीक अहमद की तूती बोलती थी तो ना जाने कितनी परिवारों को तबाह कर दिया। ना जाने कितनों के सांसो की डोर तोड़ दी और ना जाने कितने को प्रताड़ित किया। तब माफिया ने किसी की फरियाद नहीं सुनी।
अतीक अहमद ने सूरज कली के पति को गायब करवा दिया। उसके भाई को मरवा दिया। लेकिन इस महिला को झांसी की रानी कहे या अहिल्याबाई जिसने अतीक की ईट से ईट बजा दी। इस विधर्मी ने सूरज कली को हर तरह से तोड़ने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

 वर्ष 1989 में जब अतीक अहमद (Atique Ahmed) प्रयागराज के झलवा इलाके में ब्रजमोहन उर्फ़ बच्चा कुशवाहा की 12.50 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया और विरोध करने पर उसने बच्चा कुशवाहा को गायब करवा दिया। जिसका आज तक पता नहीं चला। सूरजकली पिछले 33 वर्षों से अतीक के गुर्गों से अकेले लड़ रही हैं। जमीन की लड़ाई में सूरज कली और उनके बेटे पर गोली भी चली। वह आज भी अपने 12.50 बीघा जमीन बचाने के लिए पुलिस और अदालत के चक्कर लगा रही हैं। उनकी दुख भरी कहानी सुनकर सभी की आंखें नम हो जाती हैं।
सूरज की सूरज अकेली की उम्र 60 वर्ष हो गई है। जब अतीक अहमद ने उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा किया था तब उनकी उम्र मात्र 27 वर्ष थी। अतीक ने उनके पति को गायब करवा दिया और उनकी पुश्तैनी जमीन पर शिवकुटी सहकारी समिति बनाकर उनकी सारी जमीन अपने नाम करवा ली थी। सुरेश चंद्र दुबे और कृष्णकांत दुबे को सचिव बनाकर अतीक ने धीरे-धीरे उसको बेचना शुरू कर दिया। आज सिर्फ एक बीघा जमीन बची हुई है। इस जमीनों की कीमत वर्तमान में खरबों रुपए है।

सूरजकली (Suraj Kali )आज भी उम्मीद में छोड़े बिना अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। सूरज कली के मुताबिक उनकी 12.50 बीघा पुश्तैनी जमीन पर उस समय आम और अमरुद के बाग थे। खाली जमीन पर खेती होती थी। इन जमीनों पर बड़ी बड़ी बिल्डिंग बन गई है। यह जमीन झलवा इलाके में इंडियन ऑयल डिपो के ठीक सामने है। इलाके के लेखपाल मानिकचंद्र श्रीवास्तव में सबसे पहले सूरज की जानकारी दी थी कि शिवकुटी सहकारी आवास समिति के नाम पर तुम्हारी जमीन दर्ज हो गई है। यह खबर मिलते ही उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।

उन्होंने अतीक अहमद (Atique Ahmed) के कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज करने की कीकोशिश की लेकिन वहां उन्हें मदद के बजाय धमकी ही मिली। अतीक अहमद ने उन्हें बताया कि उनका पति जमीन को अतीक के नाम पर करके गायब हो गया है। अतीक ने कहा कि उसके पति ने सूरजकली की जिम्मेदारी उसे सौंपी है। विरोध करने पर अतीक ने सूरजकली को भी गायब करने की धमकी दी। सूरजकली ने धूमनगंज थाने में अतीक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन सरकार में बैठे अधिकारी अतीक अहमद और उसके गुर्गों के खिलाफ कार्यवाही करने को तैयार नहीं थे।

वर्ष 2002 में फर्जी मुख्तारनामा मिला जहां लिखा गया था कि सूरज कली (Suraj Kali) ने अतीक को अपना देखभाल करने वाला माना था। लेकिन 2007 में जब बसपा की सरकार आई तब सूरज कली को कुछ उम्मीद दिखी। जब जमीन की कार्बन सेलिंग रसीद नहीं मिलने के कारण सहकारी आवास समिति के नामांकन को निरस्त कर दिया गया और जमीन उनके नाम पर दर्ज कर दी गई। मामले में जांच हुई और 2005 में तहसीलदार का फर्जीवाड़ा सामने आया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। अतीक अहमद के गुर्गों ने कई बारसूरज कली को धमकाया और जान से मारने की धमकी भी दी।
सूरज कली (Suraj Kali) ने आरोप लगाया कि उनके भाई प्रहलाद कुशवाहा को करंट से मार दिया गया। वर्ष 2016 में सूरज कली और उनके बेटे पर दिनदहाड़े गोलियां चली जिसमें उनकी पीठ पर 2 गोलियां लगी और उनके बेटे के पैर में एक गोली लगी। आज भी उनके घर के दरवाजे पर गोलियों के निशान देखे जा सकते हैं। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अतीक अहमद ने सूरजकली को धमकी दी कि मान जाओगी तो ख्याल रखेंगे वरना पति की तरह तुम्हें भी गायब करवा देंगे। अतीक अहमद के डर से वह इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में चली गई।

सूरज कली ने बताया कि पिछले 33 वर्षों से उन पर कई बार हमले हुए, 7 बार गोलियां चली और दर्जनों बार मारपीट की गई। हालांकि हाल ही में प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के बाद से सूरज कली बेहद डरी हुई है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ से अपनी और उनके वकील के. के. मिश्रा की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। ताकि माफिया के खिलाफ वह निडर होकर कानूनी लड़ाई लड़ सके। सूरजकली के वकील के. के. मिश्रा के मुताबिक सूरजकली की ओर से कुल 4 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं लेकिन इन मुकदमों में से ज्यादातर में पुलिस की विवेचना पूरी नहीं हुई है।अतीक और अशरफ को छोड़ अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने में भी दिलचस्पी नहीं दिखाई है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि लिखित मामलों को जल्द से जल्द विवेचना करवा कर ट्रायल शुरू करवाने की मांग की जाए। सूरजकली के वकील के मुताबिक प्रशासन की ओर से सुरक्षा में 2 जवान तैनात है जो सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
सूरजकली आज भी माफिया के खिलाफ इंसाफ की जंग लड़ रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि योगी सरकार में उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा और उनकी पुश्तैनी जमीन वापस मिल जाएगी और यदि जमीन नहीं मिली तो मुआवजे में इतनी रकम तो मिल ही जाएगी जिससे उनके नुकसान की भरपाई हो पाएगी।