Arunachal Pradesh Foundation Day 2023 : अरुणाचल प्रदेश का स्थापना दिवस कब और क्यों मानते हैं ?

Arunachal Pradesh Foundation Day 2023 : अरुणाचल प्रदेश का स्थापना दिवस 20 फरवरी को मनाया जाता है। अरुणाचल प्रदेश का आधुनिक इतिहास 24 फरवरी 1826 के ‘यंडाबू’ संधि होने के बाद असम में ब्रिटिश शासन लागू होने के बाद से प्राप्त होता है। इस राज्य को 1962 से पहले नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) के नाम से जाना जाता था। संवैधानिक रूप से यह असम का एक भाग था किंतु 1965 तक यहां के प्रशासन की देखभाल विदेश मंत्रालय करता था। 1965 के पश्चात यहां के राज्यपाल द्वारा यहां का प्रशासन मंत्रालय के अंतर्गत आ गया था।
1972 में अरुणाचल प्रदेश को केंद्र शासित राज्य बनाया गया है इसका नाम अरुणाचल प्रदेश किया गया। भारतीय संविधान के 55 वें संशोधन (वर्ष 1986) के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश 20 फरवरी 1987 को भारतीय संघ का 24 वां राज्य बना।
अरुणाचल प्रदेश भारत गणराज्य का एक उत्तर पूर्वी राज्य है। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर है। अरुणाचल का शाब्दिक अर्थ है “उगते सूर्य की भूमि”।

अरुणाचल प्रदेश का स्थापना दिवस || Arunachal Pradesh Foundation Day 2023 || (20 February)

Arunanchal Pradesh Foundation Day 2023_Janpanchayat Hindi news

Arunachal Pradesh Foundation Day 2023 : अरुणाचल प्रदेश का स्थापना दिवस 20 फरवरी को मनाया जाता है। अरुणाचल प्रदेश का आधुनिक इतिहास 24 फरवरी 1826 के ‘यंडाबू’ संधि होने के बाद असम में ब्रिटिश शासन लागू होने के बाद से प्राप्त होता है। इस राज्य को 1962 से पहले नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) के नाम से जाना जाता था। संवैधानिक रूप से यह असम का एक भाग था किंतु 1965 तक यहां के प्रशासन की देखभाल विदेश मंत्रालय करता था। 1965 के पश्चात यहां के राज्यपाल द्वारा यहां का प्रशासन मंत्रालय के अंतर्गत आ गया था।
1972 में अरुणाचल प्रदेश  (Arunanchal Pradesh)को केंद्र शासित राज्य बनाया गया है इसका नाम अरुणाचल प्रदेश किया गया। भारतीय संविधान के 55 वें संशोधन (वर्ष 1986) के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश 20 फरवरी 1987 को भारतीय संघ का 24 वां राज्य बना।
अरुणाचल प्रदेश भारत गणराज्य का एक उत्तर पूर्वी राज्य है। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर है। अरुणाचल का शाब्दिक अर्थ है “उगते सूर्य की भूमि”।

अरुणाचल प्रदेश के बारे में (About Arunachal Pradesh)

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) भारत का अभिन्न राज्य है किंतु चीन राज्य के एक भाग पर अपना अधिकार दक्षिणी तिब्बत के रूप में जताता है। अरुणाचल प्रदेश की सीमाएं, दक्षिण में असम, पूर्व में म्यामार, दक्षिण पूर्व में नागालैंड, पश्चिम में भूटान और उत्तर में तिब्बत से मिलती हैं इस राज्य में पहाड़ी और अर्द्ध – पहाड़ी क्षेत्र हैं। इसके पहाड़ों की ढलान असम राज्य के मैदानी भाग की ओर हैं।
अरुणाचल प्रदेश का अधिकतर भाग हिमालय से ढका है। हिमालय पर्वत माला का पूर्वी भाग अरुणाचल प्रदेश को चीन से अलग करता है।

आबादी

  अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में 63% जनसंख्या में 19 प्रमुख जनजाति तथा 85 अन्य जनजाति निवासी हैं। यहां अधिकतर निवासी तिब्बत- वर्मा मूल से हैं। अरुणाचल की 35% जनसंख्या अप्रवासी है।

     अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की साक्षरता दर 2011 की जनगणना के अनुसार 65.38% है जिसमें महिला साक्षरता दर 57.70% और पुरुष साक्षरता दर 72.55% है।

     अरुणाचल प्रदेश  (Arunachal Pradesh) में सबसे बड़ी जनजातियों में गालो, निशि, मोपा, दफला, सिंहपो और अपातनी प्रमुख रूप से हैं। यहां के 20% निवासी प्रकृति धर्मी है। मिरि और नोक्ते जाति के लगभग 35% निवासी हिंदू हैं। 13% निवासी बौद्ध धर्म के अनुयाई हैं।

कृषि

कृषि अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के नागरिकों के जीवन यापन का मुख्य आधार है। अरुणाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यत: खेती पर आधारित है। यहां की फसलों में आलू और बागवानी की फसलों जैसे, सेब, संतरा और अनन्नास प्रमुख हैं। यहां की कृषि की मुख्य पैदावार चावल, मक्का जौ एवं कुटू है। इसके अतिरिक्त गेहूं, बाजरा, दलहन, तिलहन, अदरक और गन्ना भी यहां की मुख्य फसलें हैं।

सांस्कृतिक जीवन

 हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जनजाति के अलग-अलग परिधान व पगड़ी हैं। प्रत्येक जनजाति की अपनी विशिष्ट शैली है। नृत्य यहां की सामाजिक जीवन का अभिन्न अंग है। मेपिन सोलुंग एवं लोसर यहां के प्रमुख जनजातीय त्यौहार हैं। अधिकांश त्योहारों पर यहां पशुओं की बलि चढ़ाने की प्रथा है।

पर्यटन स्थल

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में आकर्षक पर्यटन स्थल हैं जिनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं-

ईटा किला

इस किले का निर्माण 14- 15 वी शताब्दी में कराया गया था। इसके नाम पर ही इस जगह का नाम ईटानगर रखा गया।

पौराणिक गंगा झील

 पौराणिक गंगा झील ईटानगर से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। झील के पास सुंदर प्राकृतिक जंगल है।

बौद्ध मंदिर

अरुणाचल प्रदेश में एक खूबसूरत बौद्ध मंदिर है। बौद्ध गुरू दलाई लामा भी यहां की यात्रा कर चुके हैं। इस मंदिर की छत पीले रंग की और इस मंदिर का निर्माण तिब्बती शैली में किया गया है।
तवांग मठ- तवांग मठ एक पहाड़ी पर बना हुआ है ।इसका निर्माण मेराक लामा लोद्रे न्यात्सो ने 1680- 81 ईसवी में कराया था।

पापुम पेर

पापुम पेर अरुणाचल का बहुत सुंदर स्थल है। इसका मुख्यालय यूपीए में स्थित है। यहां से हिमालय की अनेक चोटियां दिखाई देती हैं।