World Consumer Rights Day : विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस कब और क्यों मनाया जाता है ?

World Consumer Rights Day || World Consumer Rights Day 2023 || विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है

World Consumers right Day 2023_Janpanchayat Hindi news

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस(World Consumer Rights day)

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस कब और क्यों मनाया जाता है। तथा उपभोक्ता के अधिकार क्या है ?

 विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस (World Consumer Rights day )अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है।

कौन है उपभोक्ता ?

हम जब भी बाजार से कोई सेवा लेते हैं या कोई वस्तु खरीदते हैं तो हम एक उपभोक्ता बन जाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है। आज के आधुनिक युग में मृत्यु पर्यंत प्रत्येक व्यक्ति एक उपभोक्ता ही हैं। विज्ञापन और उपभोक्तावाद व्यक्ति के आचार विचार को प्रभावित करता है। मनुष्य की मानसिकता पर विज्ञापनों का मायाजाल दिन-ब-दिन हावी होता जा रहा है। उपभोक्तावाद बाजार का ऐसा रूप है जहां हमारे उपभोग का स्वरूप हमारी आवश्यकताएं नहीं व्यावसायिक हित निर्धारित करते हैं।
आज 21 वी सदी में विज्ञापनदाता और व्यापारी उपभोक्ता को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयत्न करते हैं। चाहे वह सही हो या गलत उपभोक्ता ,उपभोक्तावादी संस्कृति के इस मायाजाल के समक्ष लाचार एवं बेबस दिखता है। प्रत्येक वस्तु में मिलावट है, वस्तुओं का गुणवत्ता स्तर गिरता जा रहा है, उपभोक्ता कानूनों से लोगों को अवगत कराने तथा उपभोक्ता में उत्पादकता और गुणवत्ता संबंधित जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है।

महात्मा गांधी ने उपभोक्ता के बारे में कहा था-
“ग्राहक हमारे परिसर में आने वाला सबसे महत्वपूर्ण अतिथि है। वह हम पर निर्भर नहीं हैं। हम उस पर निर्भर हैं। वह हमारे कार्य में बाधा नहीं है। इसका वह इसका प्रयोजन है। वह हमारे व्यापार के लिए एक बाहरी व्यक्ति नहीं है। वह इसका हिस्सा है। हम उसे सेवा देकर उसे कोई लाभ नहीं दे रहे हैं। वह हमें ऐसा करने का अवसर देकर हमें लाभ दे रहा है”।

कब से मनाया जा रहा है विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस ?

अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने 15 मार्च 1962 को अमेरिकी कांग्रेस में उपभोक्ता अधिकारों के विषय में एक शानदार भाषण दिया था। इस भाषण के 20 वर्ष के पश्चात कंज्यूमर्स इंटरनेशनल नामक संस्था द्वारा 1983 में 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई।

पहली बार 15 मार्च 1983 को प्रथम विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया गया था

 भारत में भी राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता दिवस 24 दिसंबर को मनाया जाता है। भारत के राष्ट्रपति ने 24 दिसंबर को ऐतिहासिक उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अधिनियम को स्वीकारा था। भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पहली बार वर्ष 2000 में बनाया गया था।

क्यों मनाया जाता है विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस ?

 विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस (World Consumer Rights day) प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को उपभोक्ता अधिकारों और जरूरतों के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति जब किसी वस्तु को खरीदता है या कोई सेवा लेता है तो उसे उस वस्तु की शुद्धता, कीमत, गुणवत्ता, तथा मानक के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। प्रत्येक व्यक्ति को एक उपभोक्ता के रूप में कहीं से भी कभी भी शिकायत दर्ज करने का अधिकार है।
एक उपभोक्ता के रूप में कई लोगों को अपने अधिकार के बारे में जानकारी नहीं होती। इसीलिए उपभोक्ता अधिकार दिवस के माध्यम से लोगों को सुरक्षा की मांग के अधिकार के बारे में जागरूक किया जाता है। जिससे लोग बाजार में धोखाधड़ी की गतिविधियों से सुरक्षित रहें।
इसके अतिरिक्त यह दिन उपभोक्ता के अधिकारों को कमजोर करने वाले सामाजिक अन्याय का भी विरोध करता है। इस दिन बाजार में होने वाली ठगी, नापतोल में गड़बड़ी, MRP से अधिक दाम, मिलावट, एक्सपायरी डेट या सील टूटी हुई वस्तुएं बेचना, गारंटी के बाद भी सेवा न देना तथा सूचना देने व धोखाधड़ी जैसे अपराधों के प्रति जागरूक करता है।

क्या है उपभोक्ता अधिकार ?

 एक व्यक्ति का व्यवसाय, आयु, लिंग, समुदाय तथा धार्मिक विचारधारा कोई भी हो वह एक उपभोक्ता है। उपभोक्ता अधिकार और कल्याण आज प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अविभाज्य हिस्सा बन गया है। प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने ऐतिहासिक घोषणा में 4 मूलभूत उपभोक्ता अधिकार बताए हैं-

सुरक्षा का अधिकार

 इसका अर्थ है वस्तुओं और सेवाओं के विपणन के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करना, जो जीवन और संपत्ति के लिए जोखिम पूर्ण है।

सूचना पाने का अधिकार

इस अधिकार का अर्थ है वस्तुओं की गुणवत्ता, शुद्धता, शक्ति, मात्रा, गुणवत्ता स्तर और मूल्य के बारे में जानकारी पाने का अधिकार, जिससे अनुचित व्यापार प्रथाओं के विरुद्ध उपभोक्ता को सुरक्षा दी जा सके।

चुनने का अधिकार

 चुनाव के अधिकार का अर्थ है आश्वस्त होने का अधिकार जहां भी प्रतिस्पर्धी कीमत पर वस्तुओं और सेवाओं की किस्मों तक पहुंचना संभव हो। जहां संतोषजनक गुणवत्ता और सेवा का आश्वासन उचित मूल्य पर पाने का एकाधिकार हो।

सुने जाने का अधिकार

 इस अधिकार के अंतर्गत उपभोक्ताओं के हितों पर उपयुक्त मंचों में पर्याप्त ध्यान दिया जाएगा। उपभोक्ताओं द्वारा गैर राजनीतिक और गैर वाणिज्यिक उपभोक्ता संगठन बनाए जाने चाहिए जिन्हें सरकार और उपभोक्ताओं से संबंधित अन्य मामलों में निकायों द्वारा गठित विभिन्न समितियों में प्रतिनिधित्व दिया जा सके।
इन अधिकारों की घोषणा से अंततः यह तथ्य अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्य हुआ कि सभी नागरिक चाहे उनकी आय या सामाजिक स्थिति जैसी भी है उन्हें उपभोक्ता के रूप में मूलभूत अधिकार है। अब यह प्रत्येक जगह पर स्वीकृत कर लिया गया है कि शोषण से बचने के लिए उपभोक्ता सभी संगत जानकारियां प्राप्त करने का अधिकार है। उपभोक्ता को बाजार से उत्पाद या सेवाएं लेते समय उसे पर्याप्त विकल्प प्रदान किए जाने चाहिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों ही मंच पर ये अधिकार सुपरिभाषित है।

कैसे मनाया जाता है विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस ?

 इस दिवस के अवसर पर उपभोक्ताओं को अपनी जिम्मेदारियों एवं अधिकारों के बारे में बताया जाता है तथा उन्हें जागरूक किया जाता है। जिसके लिए इस दिन विश्व स्तर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इससे उपभोक्ता अधिकार को लेकर स्कूल और कालेजों में भी कई कार्यक्रम और इवेंट्स का आयोजन किया जाता है।
इस अवसर पर उपभोक्ता आयोग में शिकायत करने के बारे में भी जानकारी दी जाती है तथा लोगों को उपभोक्ता अधिकारों और कानूनों के बारे में समझाया जाता है।
यदि आपको ऐसा प्रतीत होता है कि उपभोक्ता के तौर पर आपके अधिकारों का हनन हो रहा है तो आप उपभोक्ता आयोग में कार्यवाही कर सकते हैं।

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2023 की थीम

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2030 की थीम है-
“स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के माध्यम से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना
(Empowering Consumers Through Clean Energy Transition)”। इस थीम को कंज्यूमर्स इंटरनेशनल संस्था के नेतृत्व में निर्धारित किया गया है।

वर्ष 2022 में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की थीम थी-
“न्याय संगत डिजिटल फाइनेंस”।