Aaykar Diwas Or Income Tax Day 2023 : क्या आप जानते हैं आयकर दिवस क्यों मनाया जाता है ?

Aaykar Diwas Or Income Tax Day 2023 : भारत में प्रत्येक वर्ष आयकर दिवस(Income Tax Day)24 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन करों के भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और सभी क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 24 जुलाई को आयकर दिवस मनाया जाता है।

आयकर क्या है? और क्या है इसका इतिहास ?आइए जानते हैं-

Income tax Day 2023_Janpanchayat Hindi blogs

आयकर दिवस || Income Tax Day || 24 July 2023

भारत में प्रत्येक वर्ष आयकर दिवस(Income Tax Day)24 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन करों के भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और सभी क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 24 जुलाई को आयकर दिवस मनाया जाता है।

भारत में प्रत्येक वर्ष आयकर दिवस(Income Tax Day)24 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन करों के भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और सभी क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 24 जुलाई को आयकर दिवस मनाया जाता है।

आयकर क्या है? और क्या है इसका इतिहास ?आइए जानते हैं-

आयकर दिवस का इतिहास (History of Income Tax Day)

24 जुलाई 1860 को तत्कालीन ब्रिटिश वित्त मंत्री सर जेम्स विल्सन द्वारा भारत में आयकर (Income Tax)आरंभ किया गया था। यह अमीरों, शाही परिवारों और ब्रिटिश नागरिकों पर लगाया जाने वाला ऐसा कर था जो शक्तिशाली लोगों को पसंद नहीं था। जेम्स विल्सन द्वारा आयकर का आरंभ ब्रिटिश सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था। तब से भारतीय आयकर प्रणाली महत्वपूर्ण रूप से विकसित हुई है। इसे वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)द्वारा प्रबंधित किया जाता है ।
भारत में आयकर प्रणाली एक प्रगतिशील कर संरचना पर आधारित है जहां अधिक आय वाले व्यक्तियों और संस्थाओं पर उच्च दरों पर कर लगाया जाता है।
भारत में पहली बार 2010 में 24 जुलाई को आयकर दिवस(Income Tax Day)के रूप में मनाने का फैसला लिया गया। 24 जुलाई 2010 को पहला आयकर दिवस मनाया गया था। प्रथम आयकर दिवस का उद्घाटन तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने किया था। प्रथम आयकर दिवस को यादगार बनाने के लिए आयकर विभाग द्वारा डाक टिकट और सिक्के भी जारी किए गए थे।

आयकर क्या है (What is Income Tax)

आयकर एक प्रकार का प्रत्यक्ष कर है। यह लोगों और निगमों द्वारा दी गई आय पर सरकार द्वारा लगाया जाता है। करों के माध्यम से सरकार राजस्व उत्पन्न करती है। आयकर से प्राप्त धन शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि सब्सिडी और अन्य सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता है।

कर के प्रकार (Types of Tax)

कर दो प्रकार के होते हैं, प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर

प्रत्यक्ष कर

अर्जित आय पर सीधे लगाया जाने वाला कर प्रत्यक्ष कर है। आयकर एक प्रकार का प्रत्यक्ष कर है।

अप्रत्यक्ष कर

अप्रत्यक्ष कर सरकार द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाता है। और इसे एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरित किया जाता है।

कौन है करदाता(Who is Taxpayer) ?

भारत में 60 वर्ष से कम उम्र का कोई भी भारतीय व्यक्ति ढाई लाख रुपए से अधिक आय प्राप्त करता है तो उसे सरकार को कर देना होता है। कराधान के प्रयोजन के लिए आयकर अधिनियम कानूनी और गैर- कानूनी आय के बीच कोई भेद नहीं करता है। करों का भुगतान करने के लिए निम्नलिखित संस्थाएं उत्तरदाई हैं-

  • व्यक्तियों का निकाय 
  • व्यक्तियों का संघ
  • हिंदू अविभाजित परिवार 
  • कारपोरेट फर्मे 
  • कंपनियों 
  • सभी कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति
  • स्थानीय अधिकारी

     भारतीय आयकर कानून के तहत करदाताओं पर उनकी आय पर स्लैब के आधार पर कर लगाया जाता है, जबकि भारतीय कंपनियों और व्यवसायो के कर योग्य मुनाफे पर कर का एक निश्चित मूल्य होता है।

आय के प्रकार (Types of Income )

भारत में आय अर्जित करने वाला प्रत्येक व्यक्ति आयकर के अधीन होता है। राजस्व कर विभाग आय को प्रमुख पांच श्रेणियों में विभाजित करता हैह
1- वेतन आय – इस श्रेणी के तहत पेंशन और वेतन से प्राप्त आय पर कर लगाया जा सकता है।
2- संपत्ति आय – संपत्ति आए के तहत आवास किराए पर लेना कर योग्य है।
3- व्यवसाय आय – व्यवसाय आय के तहत स्वरोजगार व्यक्तियों, व्यवसायों,ठेकेदारों, जीवन बीमा एजेंटों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टरों और वकीलों, ट्यूशन शिक्षकों और पेशेवरों द्वारा प्राप्त की गई आय कर योग्य है।
4 – पूंजीगत लाभ आय – स्टॉक या रियल स्टेट, म्यूच्यूअल फंड जैसे पूंजीगत संपत्तियों की बिक्री से जो आय होती है वह भी कर योग्य है।
5- इसके अतिरिक्त बचत बैंक खाते की ब्याज, सावधि जमा और लॉटरी जीत से जो आय प्राप्त होती है वह भी कर योग्य है।

कैसे की जाती है आयकर की गणना

आयकर की गणना करने के लिए कर वर्ष में अर्जित कर योग्य आय के सभी स्रोतों को जोड़ना होता है। आयकर की गणना में उम्र का बहुत महत्व होता है। वित्त वर्ष चुनने के बाद उम्र बताएं। इसके पश्चात अपने कर योग्य आय में एचआरए, एलटीए और स्टैंडर्ड डिडक्शन को माइनस करें। ब्याज से होने वाली आय, किराए से होने वाली आय, होम लोन पर ब्याज और स्वयं की संपत्ति पर लिए गए लोन के ब्याज का भुगतान करना होगा ।इसके पश्चात आयकर की धारा 80 सी 80डी 80जी 80ई और 80टी टी ए के तहत किए गए निवेश के बारे में जानकारी देनी होती है। तत्पश्चात अपने कर की देनदारी को कैलकुलेट करना होता है।

आयकर की गणना(Calculation of Income Tax)

वेतन से होने वाली आय में बेसिक वेतन + स्पेशल भत्ता + एच आर ए + परिवहन भत्ता + अन्य भत्ते शामिल होते हैं। वेतन में मिलने वाले टेलीफोन का बिल एलटीए आदि ऐसे भत्ते हैं जिनको आयकर में शामिल नहीं किया गया है।
आयकर (Income Tax)सरकार के लिए धन का एक महत्वपूर्ण घटक है। आयकर देश के विभिन्न विकास कार्यों को पूरा करने के लिए धन का स्रोत है। गत वर्षों में भारत में आयकर संग्रह की प्रणाली में कई बदलाव हुए हैं ।

वर्तमान में भारत में आयकर संबंधी क्या है प्रावधान

आयकर के मामले में अच्छे दिन आते दिख रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023 के बजट भाषण में आयकर को लेकर पांच बड़ी घोषणाएं की हैं।
1- सात लाख तक की आमदनी पर कोई कर नहीं लगेगा पहले 5 लाख की आमदनी पर कर नहीं देना होता था। लेकिन अब यह सीमा 7 लाख होगी। नई कर व्यवस्था में छूट दी गई है।
2-आयकर में छूट की शुरुआती सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया है जो पहले ढाई लाख रुपए थी।
3- सबसे ज्यादा आमदनी वालों पर टैक्स घटा है ।भारत में सबसे अधिक आमदनी वालों के लिए टैक्स रेट 42.74% था जो विश्व में सबसे ज्यादा है लेकिन वर्ष 2023 में इसे घटाकर 39% कर दिया गया है।
4- स्टैंडर्ड डिडक्शन – यदि आपकी आय 15.58 रुपए या उससे अधिक है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन में 52,500 का फायदा होगा। पहले स्टैंडर्ड रिडक्शन 50,000 रुपए था।
5- लीव इन एनकैसमेंट-2002 में गैर सरकारी वेतनशुदा कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट में आयकर छूट की सीमा 3 लाख रुपए तय की गई थी। 2023 में इस सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है। यानी 25 लाख रुपए तक लीव एनकैशमेंट कर मुक्त होगा।

कैसे मनाया जाता है आयकर दिवस(How is Income Tax Day Celebrated)

आयकर दिवस(Income Tax Day)के अवसर पर राष्ट्र निर्माण में अति वरिष्ठ करदाताओं के योगदान के लिए उन्हें बधाई देने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इस दिन करदाताओं के लिए करों के भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें यह बताया जाता है कि करों का भुगतान सभी नागरिकों का कर्तव्य है। इस दिन स्कूलों में करों के भुगतान और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान के विषय पर निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रश्नोत्तरी, नारा, कहानी लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है।

आयकर दिवस का महत्व (Significance of Income Tax Day)

आयकर दिवस का आयोजन विभागीय कर्मचारियों के लिए राष्ट्र की सेवा में अब तक की यात्रा को देखने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने के अवसर के रूप में कार्य करता है। आयकर दिवस (Income Tax Day)हमें राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद दिलाता है और हमें इसे समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।