June 25, 2024

About Bareilly City: बरेली शहर का इतिहास और 10 प्रमुख पर्यटक स्थल

बरेली शहर से जुड़े रोचक तथ्य एवं इतिहास (Interesting facts and history related to Bareilly city): 1. कारगिल चौक 2. आला हजरत दरगाह 3. रानी लक्ष्मी बाई चौक 4. अहिछत्र मंदिर 5. फन सिटी एम्यूजमेंट पार्क 6. कलेक्ट्रेट, बरेली 7. अक्षर बिहार पार्क 8. अलखनाथ मंदिर 9. त्रिविती नाथ मंदिर 10. तुलसी मठ

History of Bareilly City and 10 major tourist places

बरेली शहर के बारे में

बरेली(Bareilly )शहर उत्तरी भारत के मध्य उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। यह शहर रामगंगा नदी तट पर स्थित है। इस शहर का भौगोलिक क्षेत्र रूहेलखंड के अंतर्गत आता है। बरेली उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 252 किलोमीटर (157 मील) दूर उत्तर में और देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 250 किलोमीटर(155 मील) पूर्व में है। यह भारत का 50वा सबसे बड़ा शहर और उत्तर प्रदेश का सातवां सबसे बड़ा महानगर है।

बरेली (Bareilly)शहर भारत की महत्वाकांक्षी 100 स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल है। इस शहर को “बांस बरेली” के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो बरेली में लकड़ी का कारोबार काफी लंबे समय से हो रहा है। बरेली लकड़ी के विभिन्न प्रकार के समान और फर्नीचर के लिए प्रसिद्ध है लेकिन बंद या लकड़ी के कारण इसका नाम बांस बरेली नहीं पड़ा अपितु बांस बरेली नाम दो राजकुमारों के नाम पर रखा गया है। जगत सिंह कटेहरिया के बेटे “बंसलदेव और बरलदेव” जिन्होंने 1537 में शहर की स्थापना की थी।

 

बरेली (Bareilly)शहर को नाथ नगरी के नाम से भी जाना जाता है। बरेली क्षेत्र के चारों कोनों में चार शिव मंदिर है। धोपेश्वरनाथ, मदनीनाथ अलखनाथ और त्रिविति नाथ। इन मंदिरों के कारण बरेली को नाथ नगरी भी कहा जाता है।

बरेली का इतिहास (History Of Bareilly)

 बरेली जिला इतिहास की धरोहर है। प्राचीन काल में बरेली क्षेत्र पांचाल जनपद का एक हिस्सा था। महाभारत में पांचाल की राजधानी अहिछत्र जिला बरेली की तहसील आंवला के निकट स्थित थी। 1537 में स्थापित इस शहर का निर्माण मुख्यतः मुगल शासक ‘मकरंद राय’ ने करवाया था। लेकिन एक अन्य जनश्रुति के अनुसार बरेली को ‘बरेल’ राजपूतों ने बसाया था। वर्तमान रुहेलखंड और बरेली का अधिकांश भाग 18वी सदी में रुहेलों के अधीन था। रुहेलों का शासक हाफिज रहमत खान बड़ा न्याय प्रिय और दयालु था। 1772 ईस्वी में रुहेलाे तथा अवध के नवाब के बीच युद्ध हुआ। जिसमें रुहेल पराजित हुए और उनकी सत्ता समाप्त हो गई ।

 1774 में अंग्रेजों की मदद से अवध के शासक ने इस क्षेत्र पर विजय प्राप्त की और 1801 में बरेली को ब्रिटिश क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। बरेली मुगल सम्राटों के समय के प्रसिद्ध फौजी नगर पर अब एक फौजी छावनी है। ब्रिटिश शासन के खिलाफ हुए ‘1857’ के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का भी बरेली प्रमुख केंद्र था।

देश की स्वतंत्रता में बरेली का अतुलनीय योगदान रहा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफत संघर्ष में बरेली का विशेष योगदान रहा है। उस समय महात्मा गांधी ने बरेली यात्रा दो बार की थी। उनके सविनय अवज्ञा आंदोलन का बरेली में काफी प्रभाव पड़ा था। जवाहरलाल नेहरू, रफी अहमद किदवई, महावीर त्यागी, मंजर अली जैसे गणमान्य नेता स्वतंत्रता संग्राम में बरेली जेल में रहे। पुरातत्वविद यहां के इतिहास को दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से 11वीं शताब्दी तक से जोड़ते हैं। पुरातात्विक इतिहास विभाग रोहिलखंड विश्वविद्यालय द्वारा भी अनेक क्षेत्रों जैसे तिहार खेर, रहटुईया, पचौमी, कादरगंज तथा सैंथल में अनेक प्राचीन टीलों की खोज की गई है। महाभारत काव्य के अनुसार बरेली क्षेत्र द्रोपदी की जन्म भूमि है।

बरेली का कृषि एवं उद्योग ​

   बरेली शहर कृषि उत्पादो का व्यापारिक केंद्र है। यहां चीनी प्रसंस्करण, कपास ओटने और गांठ बनाने के उद्योग है। यह शहर लकड़ी का फर्नीचर बनाने के लिए काफी प्रसिद्ध है। बरेली में सूती कपड़े की मिले तथा गंधा बिरोजा तैयार करने के कारखाने भी हैं। इसके निकट दिया सलाई लकड़ी से तारपीन का तेल निकालने के कारखाने हैं।

बरेली के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल

 बरेली के दर्शनीय पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं-

1. कारगिल चौक, बरेली(Kargil Chowk)

बरेली कैंटोनमेंट में ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता को समारोहित करने के लिए एक विजय स्थल तथा चौक का निर्माण किया गया था। जिसे “कारगिल चौक” के नाम से जाना जाता है।

2. आला हजरत दरगाह, बरेली (Aala Hazrat Dargah)

आला हजरत की दरगाह बरेली में स्थित है। आला हजरत को अहमद राजा खान, अहमद राजा खान बरेलवी अथवा अहमद रिदा खान के नाम से भी जाना जाता है। आला हजरत एक,महान इस्लामी विद्वान न्यायविद,सिद्ध व्यक्ति तथा महान समाज सुधारक थे।

3. रानी लक्ष्मी बाई चौक, बरेली (Rani Laxmi Bai Chowk)

भारतीय नारियों के शौर्य का प्रतिबिंब बनाने लक्ष्मीबाई का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुई थी। उनके सम्मान में बरेली कैंटोनमेंट में एक चौराहा बनाया गया है। यहां उनकी सुंदर प्रतिमा की स्थापना की गई है।

4. अहिछत्र मंदिर, बरेली (Ahichhatra Temple)

महाभारत में वर्णित उत्तरी पांचाल प्रदेश की राजधानी अहि छत्र को बताया जाता है। बरेली की आंवला तहसील के रामनगर नामक गांव में इसके भग्नावशेष मिलते हैं। यहां उत्खनन के पश्चात मिलने वाली इमारत के अवशेष 600 से एक 1100 ईसवी पूर्व के बताए जाते हैं। अहिछत्र बरेली के प्रमुख उत्तर रेलवे स्टेशन से 55 किलोमीटर दूर है तथा बस स्टैंड से 60 किलोमीटर दूर है।

5. फन सिटी एम्यूजमेंट पार्क, बरेली (Fun City amusement park)

फन सिटी एम्यूजमेंट पार्क बरेली के प्रमुख उत्तर रेलवे स्टेशन से 15 किलोमीटर दूर है। फन सिटी तथा बूंद एम्यूजमेंट पार्क पीलीभीत बाईपास रोड, बरेली स्थित एम्यूजमेंट और वाटर पार्क है। यहां उत्तम प्रकार के झूले सहित विशाल हरितमा तथा फूड प्लाजा है। यह बस स्टैंड से 8 किलोमीटर दूर है।

6. कलेक्ट्रेट, बरेली

  बरेली कलेक्ट्रेट की इमारत अंग्रेजी एवं भारतीय स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण है। बरेली को ब्रिटिश शासन काल में ही जनपद की श्रेणी प्रदान कर दी गई थी। कलेक्ट्रेट बस स्टैंड से 5 किलोमीटर दूर है तथा बरेली के उत्तर रेलवे स्टेशन से 1.5 किलोमीटर दूर है।

7. अक्षर बिहार पार्क, बरेली (Akshar Vihar Park)

अक्षर विहार पार्क का नगर निगम द्वारा 2021 में रिनोवेशन किया गया है। यहां पर्यटकों की भारी भीड़ हमेशा रहती है। इस हरे-भरे पार्क में पर्यटकों की यात्रा को रोमांचकारी बनाने के लिए झील में नौका विहार की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन शाम को म्यूजिकल फाउंटेन प्रदर्शित किया जाता है।

8. अलखनाथ मंदिर, बरेली (Alakhnath Temple)

भगवान शिव को समर्पित अलख नाथ का मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर का निर्माण हजारों वर्ष पूर्व हिंदू धर्म की रक्षा के लिए किया गया था। सावन माह और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्रित होती है। यहां देश के कोने-कोने से संत महात्मा और नागा साधु साधना करने के लिए आते हैं। यह पर्यटकों के साथ नागा साधु का भी प्रमुख साधना स्थल है।

9. त्रिविती नाथ मंदिर, बरेली (Trivitinath Temple, Bareilly)

  वैसे तो बरेली में कई धार्मिक स्थल है लेकिन बरेली के बाबा त्रिवित धाम का इतिहास वर्षों प्राचीन है। यहां विराजमान शिव की मूर्ति को स्वयंभू कहा जाता है। अर्थात स्वयं प्रकट हुई मूर्ति। पौराणिक मान्यता के अनुसार आज से सैकड़ो वर्ष पूर्व शिव जी एक पशु चरवाहे ,जो पेड़ के नीचे विश्राम कर रहा था,के स्वप्न में आकर कहां की मैं यही विराजमान हूं। यह सुनकर उसने वहां खुदाई करवाई और इस खुदाई में शिवलिंग प्रकट हुआ। तब से यह हिंदू धर्म का पवित्र स्थल बना हुआ है। 600 वर्ष पुराना यह मंदिर बरेली शहर के प्रेम नगर इलाके में स्थित है।

10. तुलसी मठ, बरेली (Tulsi Monastery)

तुलसी मठ प्रसिद्ध संत और रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का घर माना जाता है। इस मठ में प्रतिदिन सैकड़ो श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यहां तुलसीदास की एक बड़ी प्रतिमा स्थापित है। जिसका निर्माण महात्माओं के आग्रह पर 12 करोड़ तुलसी पत्र में राम नाम लिखकर भागीरथी नदी की मिट्टी और पानी से किया गया है।

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