प्रयागराज एयर शो में दिखा विमानों का महाकुंभ : Prayagraj Air Show

वायु सेना दिवस के 91वे स्थापना दिवस पर प्रयागराज में रविवार को वायु सैनिकों के अदम्य साहस और शौर्य का महाकुंभ संगम पर देखने को मिला। एयर शो देखने के लिए लाखों की संख्या में दर्शन उम्र पड़े। ऐसा लग रहा था मानो महाकुंभ का मेला हो। संगम किनारे तिल रखने की जगह नहीं थी। पूरा संगम क्षेत्र दर्शकों की भीड़ से खचाखच भरा हुआ था और हाथ में तिरंगा लेकर लाखों की भीड़ भारत माता के जयकारों से वायुसैनिकों का मनोबल बढ़ा रही थी। वायु सैनिकों और पैराट्रूपर्स ने भी अपने तरीके से लोगों का अभिवादन किया।

प्रयागराज एयर शो (Prayagraj Air Show) में दिखा विमानों का महाकुंभ_Indian Air Force day_Prayagraj News

वायु सैनिकों और पैराट्रूपर्स ने भी अपने तरीके से लोगों का अभिवादन किया

वायु सेना दिवस के 91वे स्थापना दिवस (91st Foundation Day of Air Force Day) पर प्रयागराज में रविवार को वायु सैनिकों के अदम्य साहस और शौर्य का महाकुंभ संगम पर देखने को मिला। एयर शो देखने के लिए लाखों की संख्या में दर्शन उम्र पड़े। ऐसा लग रहा था मानो महाकुंभ का मेला हो। संगम किनारे तिल रखने की जगह नहीं थी। पूरा संगम क्षेत्र दर्शकों की भीड़ से खचाखच भरा हुआ था और हाथ में तिरंगा लेकर लाखों की भीड़ भारत माता के जयकारों से वायुसैनिकों का मनोबल बढ़ा रही थी। वायु सैनिकों और पैराट्रूपर्स ने भी अपने तरीके से लोगों का अभिवादन किया।

राफेल, तेजस, सुखोई की गर्जना से गूंज उठी संगम नगरी

Indian Air Force के 91 वे स्थापना दिवस पर रविवार को संगम क्षेत्र में 1947 में देश की आजादी के बाद दंगे का राहत कार्य करने वाले टाइगर मॉथ की आकाश में मतवाली उड़ान, दशकों पुराने सुखोई के साथ भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल राफेल और तेजस की रफ्तार और ताकत देख संगम की रेती पर खड़े दर्शक रोमांचित हो उठे। राफेल और तेजस ने अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरी। इन विमानों में नई तकनीक वाली सी- 295 विमान ने भी संगम क्षेत्र का चक्कर लगाया।

मिग-21 ने भरी आखिरी उड़ान

पिछले 6 दशकों से भारत के आसमानी सरहद का रक्षक रहे मिग-21 ने कल आखिरी बार उड़ान भरी। शो के मध्य में मिग 21 राफेल के साथ अरैल की ओर से आया और झूंसी पुल के ऊपर से उड़ गया। दर्शक इंतजार करते रह गए लेकिन फिर दोबारा नहीं आया।

Prayagraj के पायलटो ने उड़ाया सुखोई सूर्य किरण

प्रयागराज के दो जाबांजो ने सुखोई और सूर्य किरण को उड़ाया। प्रयागराज के विंग कमांडर सूर्य प्रताप सिंह ने अर्जुन फॉर्मेशन में सुखोई से करतब दिखाया। वही प्रयागराज के सुमित तिवारी ने सूर्य किरण की टीम का एक विमान उड़ाया।

72 साल बाद मिला वायु सेना को नया ध्वज

वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने रविवार को प्रयागराज में वार्षिक वायु सेना दिवस परेड के दौरान भारतीय वायु सेना के नए ध्वज का अनावरण किया। नए ध्वज ने 72 साल पहले अपनाये गए पुराने ध्वज की जगह ले ली। खास बात यह है कि नए ध्वज के ऊपर ही दाएं कोने में अप्लाई साइड की और वायुसेना क्रेस्ट के शीर्ष पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चिन्ह और उसके नीचे देवनागरी में ‘सत्यमेव जयते’ लिखा है। अशोक चिन्ह के नीचे एक हिमालयी गरुड़ है जिसके पंख फैले हुए हैं और यह भारतीय वायुसेना के युद्ध कौशल को दर्शाता है।
हल्के नीले रंग का एक वलय हिमालयी गरुण को घेरे हुए हैं। जिस पर भारतीय वायु सेना लिखा है। भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य नभः स्पृशं दीप्तम्, हिमालयी गरुण के नीचे देवनागरी में सुनहरे अक्षरों में अंकित है।

official Website Of Indian Air Force: https://indianairforce.nic.in/