पहली बार स्वदेशी स्वचालित कार का सफल परीक्षण (Indigenous self-driving car successfully tested for the first time by B.Tech students of MNNIT) : CART 95

For the first time in India, a revolutionary successful experiment in the field of automobile has raised a hope among the countrymen and the dream of self-driving car is on the way to come true. This hope has been raised by the students of Motilal Nehru National Institute of Technology (M.N.N.I.T.), Prayagraj, Uttar Pradesh.
भारत में पहली बार ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी सफल प्रयोग से देशवासियों में एक उम्मीद जगी है और स्वचालित कार का सपना साकार होने की ओर अग्रसर है। यह उम्मीद जगाई है उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (M.N.N.I.T) के छात्रों ने।

Cart 95 Developed By MNNIT Allahabad(Prayagraj) Students (autonomous Car/Self-Driven car)

भारत में पहली बार ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी सफल प्रयोग से देशवासियों में एक उम्मीद जगी है और स्वचालित कार का सपना साकार होने की ओर अग्रसर है। यह उम्मीद जगाई है उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (M.N.N.I.T) के छात्रों ने।

Autonomous Car made by B.Tech students at MNNIT- CART 95

एम.एन.एन.आई.टी (M.N.N.I.T) के शिक्षकों और बी. टेक के 19 छात्रों ने मिलकर देश की पहली ड्राइवर रहित स्वचालित कार बनाई। संस्थान में शनिवार को पुरा छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर संस्थान के पुरा छात्र अहमद मजहरी आए थे जो कि माइक्रोसॉफ्ट एशिया के अध्यक्ष हैं। अहमद मजहरी के सामने इस कार का सफल परीक्षण किया गया। पूर्व निदेशक प्रोफेसर राजीव त्रिपाठी और मजहरी ने फीता काटकर कार को रवाना किया।

एम.एन.एन.आई.टी (M.N.N.I.T) के एमपी हॉल के सामने बगैर ड्राइवर कार चलती देख वहां के छात्रों और शिक्षकों की खुशी का ठिकाना न रहा। मैकेनिकल ब्रांच के अंतिम वर्ष के छात्रों ने प्रोफेसर समीर सरस्वती और जितेंद्र के निर्देशन में यह कार तैयार की है। एक कंपनी से इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट खरीदकर संस्थान की तरफ से विकसित यूलो.3 मॉडल सॉफ्टवेयर किट लगाई गई है। सॉफ्टवेयर सेंसर और कैमरे की मदद से यह कार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए ड्राइवर के बिना चलती है।

इस कर का वजन 500 किलोग्राम है, लंबाई 134 इंच, चौड़ाई 52 इंच और ऊंचाई 76 इंच है।

फिलहाल कोडिंग और प्रोग्रामिंग सफल होने के बाद यह कार्य किसी भी सड़क पर सीधे चल सकती है।

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (M.N.N.I.T) के छात्रों द्वारा स्वदेशी स्वचालित कार CART 95 की विशेषताएं

  • यह कार बगैर ड्राइवर की रास्ता देख कर चल सकती है।
  • यह सामने वाले अवरोध जैसे गाड़ी, आदमी, भीड़, जानवर, गड्ढा और कटान देख पाने में सक्षम है।
  • अवरोध आने पर कार में सेंसर की मदद से 5 से 9 मीटर पहले ही ख़ुद से ब्रेक लग जाता है और अवरोध हटने पर कार अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाती है।

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान (M.N.N.I.T) के छात्रों द्वारा स्वदेशी स्वचालित कार CART 95 की उपयोगिता

 इस कार की दो उपयोगिताएं हैं। प्रथम तो यह कि ड्राइवरों पर निर्भरता खत्म होगी। दूसरी दुर्घटना की संभावना कम हो जाएगी। इस कार में ऐसे सेंसर लगे हैं जिससे हम हर दिशा से आने वाले अवरोधक से बच कर निकल सकेंगे। जैसा कि हम जानते हैं कि टेस्ला कंपनी इस तरह की कार निकाल चुकी है जिसकी कीमत $80000 से ज्यादा है।

कार्ट 95 (CART 95)

इस कार का नाम रखा गया है ‘कार्ट 95’ (Cart 95) क्योंकि इसके निर्माण के लिए आर्थिक मदद संस्थान के वर्ष 1995 के पुरा छात्रों ने की है इसलिए इसका नाम कार्ट 95 (Cart 95) रखा गया है। 

 अभी इस प्रोजेक्ट का प्रथम चरण का कार्य पूरा हुआ है जिसके तहत यह कार केवल सीधे रास्ते पर चल सकती है। दूसरे चरण का कार्य शुरू किया जा चुका है जिसमें यह कार टेढ़े–मेढ़े व घुमावदार रास्तों पर चलने में सक्षम होगी।