International Museum Day 2023 : कब और क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस ?

International Museum Day 2023 || International Museum Day in Hindi || About International Museum Day || अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस || World Museum Day || 18 May

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) प्रत्येक वर्ष 18 मई को विश्व भर के संग्रहालयों की भूमिका के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। जो लोग इस दुनिया से चले जाते हैं,उनकी यादों को सदैव बनाए रखने के लिए उनकी यादों को संजो कर रखा जाता है। हमारे पूर्वज अपनी कई ऐसी चीजें संभाल कर रख गए हैं जिससे कि हम उनके विषय में जान सके। हमारे पूर्वजों की खूबसूरत यादों को कोई हानि न पहुंचे और वे सुरक्षित रहें इसके लिए कई संग्रहालय बनाए गए हैं। यह संग्रहालय हमारे पूर्वजों की स्मृति बनाए रखने में हमारी सहायता करते हैं।

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कब मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस ?(When International Museum Day is Celebrated)

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) प्रत्येक वर्ष 18 मई को विश्व भर के संग्रहालयों की भूमिका के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। जो लोग इस दुनिया से चले जाते हैं,उनकी यादों को सदैव बनाए रखने के लिए उनकी यादों को संजो कर रखा जाता है। हमारे पूर्वज अपनी कई ऐसी चीजें संभाल कर रख गए हैं जिससे कि हम उनके विषय में जान सके। हमारे पूर्वजों की खूबसूरत यादों को कोई हानि न पहुंचे और वे सुरक्षित रहें इसके लिए कई संग्रहालय बनाए गए हैं। यह संग्रहालय हमारे पूर्वजों की स्मृति बनाए रखने में हमारी सहायता करते हैं।
संपूर्ण विश्व के विकास के लिए इतिहास को याद रखना अत्यंत आवश्यक है जैसे कि एक पौधा वृक्ष बनने पर तब तक जीवित रहता है जब तक वह अपनी जड़ से जुड़ा रहता है उसी प्रकार हमारा इतिहास हमारी जड़ है उससे जुड़े रहकर ही हमारा विकास संभव है। विकास के मार्ग को प्रशस्त करने के लिए अपनी संस्कृति, परंपरा, ऐतिहासिक दिन एवं पूर्वजों की धरोहरों को संभाल कर रखना आवश्यक है। संग्रहालय हमे इतिहास से जोड़े रखते है।

आइए जानते हैं संग्रहालय दिवस के इतिहास और इस दिन के महत्व एवं उद्देश्य के विषय में-

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का इतिहास (History of International Museum Day)

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस सर्वप्रथम ‘ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद’ (ICOM) द्वारा 1977 में मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने संग्रहालयों की विशेषता और उनके महत्व को समझते हुए 1983 में ‘ 18 मई’ को ‘ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। संग्रहालय में जाकर अपने इतिहास को जानने के प्रति जागरूक करना एवं आम जनता में संग्रहालय के प्रति जागरूकता पैदा करना इस दिन का मुख्य उद्देश्य है। वर्तमान समय में 129 से अधिक देश अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाते हैं। 2005 तक संग्रहालय दिवस को 90 से अधिक देशों ने मनाया था। लगभग 30,000 से अधिक संग्रहालय इस दिन को मनाते हैं।

क्या है अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (What is International Council of Museum) ?

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (ICOM) एक ऐसा संगठन है जो ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की चीजों को संजो कर रखता है। इस संगठन की 31 अंतर्राष्ट्रीय समितियां है। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद आपातकाल स्थिति में संगठनों को सहायता प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त यह महत्वपूर्ण वस्तुओं की अवैध तस्करी पर रोकथाम का कार्य करता है। 18 मई को अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद नागरिक समाज के सभी सदस्यों को एक साथ आने और पूर्ण परिवर्तनकारी क्षमता का एहसास करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो संग्रहालय के सतत विकास और भलाई के लिए हैं।

क्या है संग्रहालय (What is Museum) ?

संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों और अतीत की स्मृतियों के बीच एक सेतु है, जो हमें इतिहास से जोड़ता है। संग्रहालय समाज की सेवा और विकास के लिए आम जनता के लिए खोला जाने वाला संस्थान है। संग्रहालय में मानव एवं पर्यावरण की विरासत का संरक्षण करने के लिए उनका संग्रह, प्रचार या प्रदर्शन किया जाता है। इन विरासतों का इस्तेमाल अध्ययन, मनोरंजन एवं शिक्षा के लिए होता है। यद्यपि यूरोप में संग्रहालयों के विकास के बाद भारत में भी संग्रहालयों का दौर प्रारंभ हुआ लेकिन भारत में संग्रहालय की अवधारणा प्राचीन काल में दृष्टिगत होती है।

कब प्रारंभ हुआ पहला संग्रहालय (When the First Museum was Started ) ?

बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी द्वारा 1814 में पहला संग्रहालय प्रारंभ किया गया। इस संग्रहालय से ही बाद में भारतीय संग्रहालय कोलकाता का जन्म हुआ। स्थल संग्रलय का सृजन सर जॉन मार्शल ने प्रारंभ किया उन्होंने सारनाथ (1904),आगरा (1906), अजमेर (1908), दिल्ली किला (1909), बीजापुर (1912), नालंदा (1917), तथा सांची (1919), जैसे संग्रहालय की स्थापना प्रारंभ की। स्थल संग्रहालयो की अवधारणा की व्याख्या भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व महानिदेशक ‘ हरग्रीव्स’ ने बड़े सुंदर शब्दों में की है-

“भारत सरकार की यह नीति रही है कि प्राचीन स्थलों से प्राप्त छोटे और लाने एवं ले जा सकने योग्य पूरावशेषों को उन खंडहरों के निकट संपर्क में रखा जाए जिससे वे संबंधित हैं ताकि उनके स्वाभाविक वातावरण में उनका अध्ययन किया जा सके और स्थानांतरित हो जाने के कारण उन पर से ध्यान हट नहीं जाए।”

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का क्या है महत्व (What is Significance of International Museum Day) ?

 संग्रहालय अनमोल स्मृतियों का संग्रह होते हैं जिसमें हमारे पूर्वजों की स्मृतियों को संजो कर रखा जाता है। इन संग्रहालय में किताबें, चित्र, पांडुलिपिया, रत्न, शिलाचित्र और अन्य तमाम तरह की वस्तुएं हमारे पूर्वजों की स्मृतियों को जीवित रखे हुए हैं। प्रत्येक देश की संस्कृति को जानने और समझने में पूर्वजों की वस्तुएं एवं स्मृतियों का अहम योगदान होता है। अतः इन संग्रहालयों हमारे जीवन में बहुत महत्व है। संग्रहालय ना केवल मनोरंजन अपितु किसी भी देश की सांस्कृतिक परंपरा और इतिहास के बारे में जानने का एक ज्ञानवर्धक तरीका है। संग्रहालय उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी रूचि के अनुसार कला, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी आदि के बारे में जानना या सीखना चाहते हैं। संग्रहालय एक व्यापक प्रभाव पैदा करते हैं, जो सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देता है।

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का इतिहास (History of International Museum Day)

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस सर्वप्रथम ‘ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद’ (ICOM) द्वारा 1977 में मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने संग्रहालयों की विशेषता और उनके महत्व को समझते हुए 1983 में ‘ 18 मई’ को ‘ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। संग्रहालय में जाकर अपने इतिहास को जानने के प्रति जागरूक करना एवं आम जनता में संग्रहालय के प्रति जागरूकता पैदा करना इस दिन का मुख्य उद्देश्य है। वर्तमान समय में 129 से अधिक देश अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाते हैं। 2005 तक संग्रहालय दिवस को 90 से अधिक देशों ने मनाया था। लगभग 30,000 से अधिक संग्रहालय इस दिन को मनाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का क्या है उद्देश्य (What is Objectives of International Museum Day)

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस(International Museum Day) संपूर्ण विश्व में संग्रहालयो की भूमिका के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद के अनुसार-
“संग्रहालय में ऐसी अनेक वस्तुएं सुरक्षित रखी जाती है जो मानव सभ्यता की याद दिलाती है। संग्रहालय में रखी गई वस्तुएं प्रकृति और सांस्कृतिक धरोहरों को प्रदर्शित करती हैं।”
समाज में संग्रहालयो की भूमिका के प्रति जन जागरूकता को बढ़ाना इस दिन का मुख्य उद्देश्य है।”

कैसे मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस(How International Museum Day is Celebrated)

  • अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) के अवसर पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिनमें आम जनता, छात्रों एवं शोधार्थियों को विभिन्न संग्रहालयों में उपलब्ध समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी जाती है। इस दिन स्थानीय संगठनों में जाकर लोग अपने राज्य या देश की संस्कृति और इतिहास के बारे में जानते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर भारत सरकार के सभी संग्रहालय में प्रवेश नि:शुल्क कर दिया जाता है।

‘ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस’ संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के एक समूह का समर्थन करता है। 2023 का लक्ष्य है-

  • वैश्विक स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती
  • जलवायु कार्रवाई एवं
  • एक भूमि पर जीवन

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2023 की थीम (Theme of International Museum Day 2023)

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की थीम प्रत्येक वर्ष ‘ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद’ द्वारा सुनिश्चित की जाती है। वर्ष 2023के अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की थीम है-

” संग्रहालय, स्थिरता और भलाई।”
“(Museums,Sustainability and Well-being)”

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