June 25, 2024

World Asthma Day 2023 : विश्व अस्थमा दिवस पर जानते हैं अस्थमा अटैक के लक्षण एवं बचने के उपाय

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विश्व अस्थमा दिवस पूरे विश्व में मई महीने के पहले मंगलवार को मनाया जाता है। इस बार मई का पहला मंगलवार 2 मई को पड़ रहा है। अतः वर्ष 2023 में अस्थमा दिवस 2 मई, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन की शुरुआत स्वास्थ्य समूहों की देखभाल और अस्थमा शिक्षको के सहयोग से ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) के नेतृत्व में एक वैश्विक पहल के रूप में की गई थी।सांस या फेफड़ों की बीमारी अस्थमा के बारे में जागरूकता फैलानाअस्थमा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है। अस्थमा के मरीजों को उम्र भर सावधान रहना पड़ता है। प्रत्येक बदलते मौसम में अस्थमा के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। वातावरण में मौजूद नमी अस्थमा के मरीजों को कई प्रकार से प्रभावित करते हैं। कुछ सा

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विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) 2 May

विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) पूरे विश्व में मई महीने के पहले मंगलवार को मनाया जाता है। इस बार मई का पहला मंगलवार 2 मई को पड़ रहा है। अतः वर्ष 2023 में अस्थमा दिवस 2 मई, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन की शुरुआत स्वास्थ्य समूहों की देखभाल और अस्थमा शिक्षको के सहयोग से ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) के नेतृत्व में एक वैश्विक पहल के रूप में की गई थी।सांस या फेफड़ों की बीमारी अस्थमा के बारे में जागरूकता फैलानाअस्थमा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है। अस्थमा के मरीजों को उम्र भर सावधान रहना पड़ता है। प्रत्येक बदलते मौसम में अस्थमा के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। वातावरण में मौजूद नमी अस्थमा के मरीजों को कई प्रकार से प्रभावित करते हैं। कुछ सावधानियां बरत कर अस्थमा या दमा के मरीज भी हर मौसम में स्वस्थ रह सकते हैं।

क्या है अस्थमा (What is Asthma) ?

अस्थमा (Asthma ) एक लंबी समय चक्र चलने वाली बीमारी है। अस्थमा रोग में वायु मार्ग संकुचित हो जाता है। तथा फेफड़ों में सूजन हो जाती है। और अस्थमा के मरीज सांस लेने में तकलीफ महसूस करते हैं। फेफड़े और वायु मार्ग में सूजन होने से हवा को अंदर और बाहर ले जाने में कठिनाई हो सकती है। अस्थमा में बहुत जल्दी सांस फूलने लगती है। खांसी आती है। अस्थमा बढ़ जाने पर मरीज खांसते- खांसते और टूटी फूटी सांस लेते हुए रात गुजर पता है।इन लक्षणों के बढ़ जाने पर अस्थमा का दौरा पड़ता है। कई बार सही समय पर इलाज न मिलने पर अस्थमा में मरीज की जान भी जा सकती है।

अस्थमा के क्या है कारण(What is the Reason of Asthma)?

व्यक्ति की जीवन शैली और शहरों में धुएं और धूल के कारण अस्थमा मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वैसे अस्थमा की शुरुआत विष्णु द्वारा संक्रमण (वायरल इंफेक्शन) से होती है। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार सर्दी जुकाम होता है तो यह एलर्जी के लक्षण है। अस्थमा के कुछ प्रमुख कारण है जैसे-

  • धूम्रपान
  • वायु प्रदूषण
  • अनुवांशिकी
  • वातावरण के प्रति प्रतिकूलता
  • जीवन शैली में बदलाव
  • इंडोर गेम्स को बढ़ावा आदि।

यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन हाल के वर्षों में यह बीमारी बच्चों में लगातार बढ़ रही है। संतुलित दिनचर्या और सही समय पर इलाज करवा कर बच्चों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। एलर्जी का भी सही समय पर इलाज कर लेना चाहिए क्योंकि सही समय पर एलर्जी का उपचार न करने पर यह अस्थमा का रूप ले लेती है।

अस्थमा अटैक के क्या है लक्षण (What is the Symptoms of Asthma Attack)

अस्थमा अटैक (Asthma Attack) के प्रमुख लक्षण इस प्रकार है-

  • खांसी में घर- घराहट और सीने में जकड़न महसूस होती है।
  • मरीज की सांस बहुत अधिक फूलने लगती है।
  • सांस अत्यधिक फूलने से मरीज को बोलने, खाने और सोने में भी परेशानी होती है।
  • मरीज की सांसे तेज होने लगती हैं और ऐसा महसूस होता है वे सांस नहीं ले पा रहे हैं।
  • मरीज का रिलीवर इनहेलर भी मदद नहीं कर पता है। अस्थमा के मरीजों में इसके लक्षण अलग और गंभीर होते हैं। कभी-कभी यह लक्षण केवल पुरानी खांसी में भी दिखते हैं।

अस्थमा अटैक आने पर क्या करें ?

अस्थमा की समस्या एक मरीज में कितनी गंभीर है। इस आधार पर डॉक्टर दवाये देते हैं। अस्थमा अटैक से बचाव के लिए कुछ दवाये दी जाती है जिससे अटैक में तुरंत आराम मिल सके। जिन लोगों को अस्थमा की समस्या है उन्हें रोकथाम करना आवश्यक है तथा अस्थमा मरीजों को डॉक्टर सदैव अपने पास इनहेलर रखने की सलाह देते हैं।

अस्थमा अटैक से बचने के कुछ उपाय -

अस्थमा से बचने के लिए उन सभी कारकों से दूर रहना चाहिए जो इसकी समस्या को बढ़ा सकते हैं।

  • अस्थमा के मरीजों को धूल-धुआ के संपर्क में नहीं आना चाहिए। क्योंकि धूल और धुआं अस्थमा बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाते है।
  • अस्थमाके मरीज को नियमित सांस से संबंधित व्यायाम और प्राणायाम करना चाहिए। प्राणायाम फेफड़ों को स्वस्थ रखते हैं।
  • अस्थमा के मरीजों को विटामिन सी से भरपूर आहार लेना चाहिए जैसे- संतरा, ब्रोकली, किवी को आहार में शामिल करना चाहिए।
  • अस्थमा के मरीजों को शहद और दालचीनी का सेवन करना चाहिए यह फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों में लाभप्रद होता है।
  • तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। चाय में तुलसी की दो तीन पत्ती डालकर या तुलसी का काढ़ा भी अटैक की आशंका को काम करता है।
  • इसके अतिरिक्त दाल और हरी सब्जियों का सेवन करें।

विश्व अस्थमा दिवस का उद्देश्य (Objectives of Asthma Day

संपूर्ण विश्व में लोगों को अस्थमा बीमारी के बारे में जागरूक करना विश्व अस्थमा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है। भारत में अस्थमा के मरीजों की संख्या 15 से 20 करोड़ है। भारत में लगभग 12% बच्चे अस्थमा से पीड़ित हैं। वर्ष 1998 में पहली बार बर्सिलोना, स्पेन सहित 35 देश में विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया था। विश्व अस्थमा दिवस का आयोजन प्रत्येक वर्ष ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) द्वारा किया जाता है।

क्यों बढ़ रहा अस्थमा का खतरा ?

आधुनिक युग की बदलती दिनचर्या युवाओं और बच्चों में अस्थमा के खतरे को बढ़ा रही है। शहरों में इंडोर गेम्स का प्रचलन युवाओं में बढ़ने के कारण भी युवाओं को अस्थमा का मरीज बना रहे हैं। आज हालात यह है कि अस्थमा के कुल मरीजों में अभी युवाओं और बच्चों की संख्या बड़ों से दोगुनी हो गई है। खेल मैदान की कमी के चलते बच्चे और युवा इंडोर गेम्स को प्राथमिकता दे रहे हैं और इंडोर गेम्स के दौरान घर के पर्दे, पायदान,कारपेट और कालीन में लगी धूल उनके लिए बेहद घातक सिद्ध हो रही है। जिससे एलर्जी और अस्थमा का खतरा बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं और बच्चों को संतुलित दिनचर्या के माध्यम से अस्थमा की समस्या से बचाया जा सकता है। वातावरण की धूल और धुआ भी अस्थमा और एलर्जी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मौसम में परिवर्तन ही बच्चों में अस्थमा और एलर्जी का लक्षण प्रकट करते हैं।

विश्व अस्थमा दिवस की थीम (Theme of Asthma Day)

ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) द्वारा वर्ष 2023 में विश्व अस्थमा दिवस के लिए दी गई थीम है-

 

“सभी के लिए अस्थमा केयर (Asthma Care for All)”

इस वर्ष का संदेश “अस्थमा केयर फॉर ऑल” दुनिया भर में अस्थमा उपचार कार्यक्रमों के विकास और कार्यान्वयन को बढ़ावा देता है।