National Unity Day: राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है ?(Why is National Unity Day Celebrated Only on 31 October?)

National Unity Day 2023: राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने में सरदार पटेल की भूमिका को दर्शाने के लिए 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day)मनाया जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात 600 देसी रियासतों का एकीकरण सबसे बड़ी समस्या थी। भारत के तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल(Sardar Patel) ने भारतीय संघ में उन रियासतों का विलय किया था जो स्वयं में संप्रभुता संपन्न थी। उनका अलग झंडा और अलग शासक था। सरदार पटेल के प्रयासों से तीन रियासतों को छोड़कर सभी रजवाड़ों ने स्वेच्छा से भारत में विलय का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

राष्ट्रीय एकता दिवस || National Unity Day || 31 October 2023|| Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti 2023 || सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती
National Unity Day_Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti 2023_31 October 2023

 राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) देश के प्रथम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel)की जयंती के रूप में 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। भारत विश्व में दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत की गणना विश्व के सबसे बड़े देशों में की जाती है, जहां 1652 के आसपास भाषा व बोलियां बोली जाती हैं। विश्व के सभी प्रमुख धर्म हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई ,जैन, पारसी, बौद्ध भारत में रहते हैं।

यहां विभिन्न धर्म की संस्कृति खान-पान की आदतें, परंपराओं, पोशाकों, सामाजिक रीति रिवाज का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। हमारा देश भारत विभिन्नता में एकता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। भिन्नताओं के बावजूद भारत का प्रत्येक भाग संविधान द्वारा शांति के साथ नियंत्रित है। सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) ने देश की विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया था, जिसकी वजह से उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास (History Of National Unity Day)

भारत सरकार ने पहली बार सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti) देश के लिए उनके योगदान को चिन्हित करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए 2014 में इसकी शुरुआत की थी। पहले राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day)कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘रन फॉर यूनिटी’ (Run for Unity) की थीम के साथ किया था। आजादी की पूर्व जब भारतीय  रियासतें बिखरी हुई थी उस समय सबको एक तिरंगे के नीचे लाने का कठिन कार्य सरदार पटेल ने किया था।

31 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस ?(Why is National Unity Day Celebrated Only on 31 October) ?

राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने में सरदार पटेल की भूमिका को दर्शाने के लिए 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day)मनाया जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात 600 देसी रियासतों का एकीकरण सबसे बड़ी समस्या थी। भारत के तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल(Sardar Patel) ने भारतीय संघ में उन रियासतों का विलय किया था जो स्वयं में संप्रभुता संपन्न थी। उनका अलग झंडा और अलग शासक था। सरदार पटेल के प्रयासों से तीन रियासतों को छोड़कर सभी रजवाड़ों ने स्वेच्छा से भारत में विलय का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

15 अगस्त 1947 तक हैदराबाद, कश्मीर और जूनागढ़ को छोड़कर सभी रियासतें भारतीय संघ में शामिल हो गई। हैदराबाद के निजाम द्वारा भारत में विलय का प्रस्ताव अस्वीकार करने पर सरदार पटेल ने वहां सेना भेज कर निजाम का आत्म समर्पण करा लिया। आजाद भारत की यह पहली  महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसके लिए सरदार पटेल को “लौह पुरुष” की उपाधि प्रदान की गई। देश की एकता में अद्वितीय योगदान के लिए ही  31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व (Significance of National Unity Day)

 राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) का आयोजन हमारे देश की अखंडता और विभिन्नता में एकता को दर्शाता है। एकता में सबसे बड़ा बाधक स्व हित है। आज स्वहित सर्वोपरि हो गया है। आज देश आजाद है, आत्मनिर्भर है लेकिन वैचारिक मतभेद उसके विकास में बेड़िया बनी पड़ी है।

आजादी के पहले अंग्रेज इस फूट का फायदा उठाते थे और आज सियासी लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने देश में एकता के स्वर को सबसे ज्यादा बुलंद किया। वे सदैव देश को एकता का संदेश देते थे

आजादी के समय भी आज के युवा जैसी नई सोच रखते थे। राष्ट्रीय एकता दिवस(National Unity Day)सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने हेतु उनके जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है।

क्या है रन फॉर यूनिटी (What is Run for Unity) ?

31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के बारे में जागरूकता बढ़ाने और महान व्यक्ति को याद करने के लिए ‘Run For Unity’ के तहत राष्ट्रीव्यापी मैराथन का आयोजन 2014 से किया जाता है। देश की युवा पीढ़ी को इस दिन के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाता है।

कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस ? (How is National Unity Day Celebrated) ?

राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के अवसर पर दिल्ली के पटेल चौक पार्लियामेंट स्ट्रीट पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर माला चढ़ाई जाती है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा शपथ ग्रहण समारोह, मार्च पास्ट भी की जाती है। ‘ रन फॉर यूनिटी’ मैराथन देश के विभिन्न शहरों, गांव, जिलों, ग्रामीण स्थानो में आयोजित की जाती है।

इस कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय अन्य शैक्षणिक संस्थान, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन का आयोजन दिल्ली में राजपथ में विजय चौक से इंडिया गेट के बीच सुबह 8:30 बजे बहुत बड़े स्तर पर होता है।

इसके अलावा स्कूलों में बैनर पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, निबंध, भाषण, पेंटिंग, कविता, वाद- विवाद प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन होता है। स्कूल कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। सरकारी ऑफिस, पब्लिक सेक्टर में भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम होता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य (Objective of National Unity Day)

 राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) मनाने का उद्देश्य देश की एकता बनाए रखने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल के द्वारा दिए गए अभूतपूर्व योगदान के बारे में जागरूकता फैलाना है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को एक साथ रहने और समाज के उत्थान के विचारों से अवगत कराना है।

Read About National Unity Day On Wikipedia: https://en.wikipedia.org/wiki/National_Unity_Day_(India)