कोडरमा की राजनीति का केंद्र बनी अन्नपूर्णा देवी फिर से उतरीं चुनाव मैदान में

image 1 11

केंद्रीय मंत्री और झारखंड के कोडरमा से सांसद अन्नपूर्णा देवी एक बार फिर इसी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में है। करीब ढाई दशक के अपने राजनीतिक जीवन में वह जनप्रतिनिधि होने का दायित्व बखूबी निभा रही हैं।1998 में अपने पति और एकीकृत बिहार की राबड़ी देवी सरकार में मंत्री रहे स्वर्गीय रमेश प्रसाद यादव के असामयिक निधन के बाद घर की दहलीज लांघकर राजनीति में आई अन्नपूर्णा देवी वर्ष 1998 का विधानसभा उपचुनाव, वर्ष 2000, 2005 और 2009 का विधानसभा चुनाव लगातार कोडरमा क्षेत्र से जीतती रही हैं।अन्नपूर्णा देवी का जीवन काफी संघर्ष पूर्ण रहा है। उनका राजनीतिक कद यूं ही नहीं बढ़ा बल्कि उनके संघर्ष और दूरदृष्टि ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

सारण सीट पर राजद और भाजपा के बीच चुनावी संग्राम: Lok Sabha Election 2024 Phase 5 Voting

आईए जानते हैं अन्नपूर्णा देवी के राजनीतिक सफर के बारे में-

पति के निधन के बाद शुरू हुआ सियासी सफर

एकीकृत बिहार के समय राजद के कद्दावर नेता और कोडरमा के विधायक पूर्व मंत्री रमेश प्रसाद यादव के साथ अन्नपूर्णा देवी का विवाह हुआ। लेकिन विवाह के मात्र 5 वर्ष बाद ही रमेश प्रसाद यादव का 1998 में निधन हो गया। पति के निधन के बाद उनके सामने पति की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती थी।

इस सीट पर कांग्रेस – भाजपा में सीधा मुकाबला: Amethi Lok Sabha Election Phase 5 Voting

पति की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए राजनीति में किया प्रवेश

अन्नपूर्णा देवी का राजनीतिक सफर तत्कालीन बिहार में राष्ट्रीय जनता दल से शुरू हुआ था। उन्हें 1998 में पति के निधन के बाद कोडरमा सीट पर उपचुनाव में राजद ने उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्हें बड़ी जीत मिली। अन्नपूर्णा देवी वर्ष 2000 में बिहार विधानसभा के चुनाव में दूसरी बार कोडरमा से जीती। उन्होंने 2005 और 2009 में भी झारखंड विधानसभा चुनाव में कोडरमा से ही राजद के टिकट पर जीत हासिल की। वर्ष 2013 में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में अन्नपूर्णा देवी को राजद कोटे से जल संसाधन महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया। 2014 के विधानसभा चुनाव में अन्नपूर्णा देवी को कोडरमा सीट से पहली बार हार का सामना करना पड़ा। उस समय भाजपा उम्मीदवार नीरा यादव ने उनको हराया।

क्या तीन बार के सांसद इंद्रजीत राव को टक्कर दे पाएंगे राज बब्बर ?: Lok Sabha Election Phase 5 Voting

2019 में भाजपा में हुईं शामिल

लंबे समय तक झारखंड राजद में महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह भाजपा में शामिल हो गईं। 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें पहले झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। उसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हरियाणा का सह प्रभारी भी बनाया गया था। झारखंड से बीजेपी की सांसद अन्नपूर्णा देवी को मोदी कैबिनेट में राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया।

उड़ीसा के संबलपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार धर्मेंद्र प्रधान को भाजपा को सत्ता में लाने की चुनौती

करीब ढाई दशक के अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने जनप्रतिनिधि होने का दायित्व बखूबी निभाया है। अन्नपूर्णा देवी के अपने संसदीय क्षेत्र में मजबूत किले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां की भाजपा की राजनीति उनके इर्द-गिर्द ही घूमती है।