संयुक्त राष्ट्र के अनुसार चीन का अपने सभी पड़ोसी मुल्कों के साथ विवाद चल रहा है ( According to the United Nations, China is having disputes with all its neighboring countries)

Janpanchayat Hindi News|| India-China News:  चीन 25 से अधिक देशों के साथ जमीनी और समुद्री सीमा साझा करता है। 14 देश चीन के साथ भूमि सीमा से जुड़े हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार चीन का अपने सभी पड़ोसी मुल्कों के साथ विवाद चल रहा है। आइए जानते हैं आखिर क्यों उलझता है चीन चुनिंदा देशों के साथ।
अमेरिका का रक्षा विभाग यानी पेंटागन लगातार कहता रहा है कि चीन उकसावे की रणनीति से सीमा पर अशांति की स्थिति पैदा करता है। मकाउ और हांगकांग में भी अस्थिरता कायम करने के लिए चीन उकसावे का खेल खेल रहा है। ताइवान में चीन अपना जोर दिखाने के लिए विमानों से घुसपैठ करता है। भारत, पाकिस्तान, नेपाल, रूस, भूटान, म्यांमार, इंडोनेशिया, फिलीपींस, जापान, वियतनाम, मंगोलिया, उत्तर कोरिया समेत अन्य कई देशों के साथ चीन सीमा साझा करता है।

भारत के साथ चीन का अन्य देशों से सीमा विवाद

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Janpanchayat Hindi News|| India-China News:  चीन 25 से अधिक देशों के साथ जमीनी और समुद्री सीमा साझा करता है। 14 देश चीन के साथ भूमि सीमा से जुड़े हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार चीन का अपने सभी पड़ोसी मुल्कों के साथ विवाद चल रहा है। आइए जानते हैं आखिर क्यों उलझता है चीन चुनिंदा देशों के साथ।
अमेरिका का रक्षा विभाग यानी पेंटागन लगातार कहता रहा है कि चीन उकसावे की रणनीति से सीमा पर अशांति की स्थिति पैदा करता है। मकाउ और हांगकांग में भी अस्थिरता कायम करने के लिए चीन उकसावे का खेल खेल रहा है। ताइवान में चीन अपना जोर दिखाने के लिए विमानों से घुसपैठ करता है। भारत, पाकिस्तान, नेपाल, रूस, भूटान, म्यांमार, इंडोनेशिया, फिलीपींस, जापान, वियतनाम, मंगोलिया, उत्तर कोरिया समेत अन्य कई देशों के साथ चीन सीमा साझा करता है।

जापान

जापान के साथ सीमा विवाद को लेकर चीन की छः बार भिड़ंत हो चुकी है। जापान के सेनकाकू रायकुकु द्वीप को अपने कब्जे में करने के लिए चीन कई बार प्रयास कर चुका है।

इंडोनेशिया

नतुना द्वीप को लेकर इंडोनेशिया और चीन में लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी चीन सागर क्षेत्र में मछली पकड़ने पर भी दोनों में विवाद है।

रूस

रूस और चीन का विवाद 162 साल से चला आ रहा है। दोनों के बीच वर्ष 1860 से भूमि और द्वीप को लेकर विवाद चल रहा है। रूस में बहने वाली नदियों के पानी को भी चीन अपना बताता है।

ताइवान

ताइवान को चीन अपना हिस्सा बताता रहा है। इसके लिए वह समय-समय पर लड़ाकू विमानों की घुसपैठ भी ताइवान की सीमा में करता रहता है।

फिलीपींस

चीन द्वारा फिलीपींस के दो द्वीपों को अपना बताने पर फिलीपींस इसकी शिकायत अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में कर चुका है।

चीन यहां कर रहा कब्जे की तैयारी

  • 2050 तक रूस के कब्जे से अपनी जमीन लेने का लक्ष्य।
  • 2030 से पहले चीन फिलीपींस के स्पार्टली द्वीप पर कब्जा करेगा।
    चीन ने जापान से 2050 तक
  • सेनकाकु द्वीप छीनने का लक्ष्य रखा है।
  • 2025 तक चीन का लक्ष्य ताइवान पर कब्जा जमाना है।