World Heart Day 2023 (विश्व हृदय दिवस) : हृदय से सम्बन्धित रोग, लक्षण एवं बचने के उपाय

World Heart Day 2023 (विश्व हृदय दिवस) : हृदय को कैसे रखें मजबूत हृदय से समबन्धित रोग एवं लक्षण
हृदय रोग (Heart Disease) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह रोग मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। अव्यवस्थित दिनचर्या और असंतुलित खान-पान के कारण विश्वभर में हृदय रोग के पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्वास्थ्य को अनदेखा कर देते हैं। जिसका दुष्परिणाम उन्हें भुगतना पड़ता है। हृदय रोग की कोई उम्र निर्धारित नहीं है। यह किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकता है। हृदय रोग की संभावना महिलाओं में अधिक होती है। लेकिन महिलाएं इस बीमारी के जोखिम को नजर अंदाज कर देती है।

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29 सितंबर को क्यों मनाया जाता है विश्व ह्रदय दिवस ? (Why is World Heart Day Celebrated on 29 September) ?

World Heart Day 2023 :  हृदय रोग एक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह रोग मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। अव्यवस्थित दिनचर्या और असंतुलित खान-पान के कारण विश्वभर में हृदय रोग के पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्वास्थ्य को अनदेखा कर देते हैं। जिसका दुष्परिणाम उन्हें भुगतना पड़ता है। हृदय रोग की कोई उम्र निर्धारित नहीं है। यह किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकता है।

 हृदय रोग (Heart disease) की संभावना महिलाओं में अधिक होती है। लेकिन महिलाएं इस बीमारी के जोखिम को नजर अंदाज कर देती है। रक्त का आदान-प्रदान करने वाले इस अति महत्वपूर्ण अंग को तनाव, थकान, प्रदूषण आदि वजहों से अपना कार्य करने में कठिनाई होती है। हृदय रोग(Heart Diseases) पूरे विश्व में एक गंभीर समस्या है अतः हृदय की बीमारियों के प्रति सचेत रहने के लिए जागरुक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (World Heart day)मनाया जाता है।

विश्व हृदय दिवस का इतिहास (History Of World Heart day)

हृदयाघात,और हृदय से जुड़ी बीमारियां विश्व भर में होने वाली 29% मौतो की एक प्रमुख वजह है। हृदयाघात और हृदय संबंधी बीमारी से प्रत्येक वर्ष 1. 71 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। लोगों को हृदय के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वर्ष  2000 में विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) मनाने की शुरुआत की गई।24 सितंबर को पहला विश्व हृदय दिवस मनाया गया था।

वर्ष 2011 तक यह दिन सितंबर के आखिरी रविवार को हृदय रोग (Heart Diseases) के प्रबंधन के बारे में जागरूकता पैदा करने के अपने मिशन को जारी रखता था। वर्ष 2012 से विश्व हृदय दिवस 29 सितंबर को मनाया जाने लगा। प्रत्येक वर्ष विश्व हृदय दिवस(World Heart Day)विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO )की भागीदारी से स्वयंसेवी संगठन “वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन” मनाता है।

हृदय रोग होने का क्या है कारण(What are the causes of Heart Diseases) ?

 हृदय रोग (Heart Disease) कई कारणों से होता है। हृदय रोगों का सबसे आम प्रकार कोरोनरी आर्टरी डिजीज है। जब हृदय को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में प्लाक भर जाता है तो वह सख्त और संकीर्ण हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है और हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह स्थिति गंभीर हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकती है।

हृदय को विभिन्न परिस्थितियों में खतरा हो सकता है जैसे- रक्त वाहिकाओं में समस्या होना, हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व न मिलाना, हृदय गति में अनियमितता आदि।

हृदय रोग के लक्षण (Symptoms of Heart Diseases)

प्रत्येक व्यक्ति में हृदय रोग के अलग-अलग लक्षण होते हैं। यदि शुरुआती लक्षणों पर ही ध्यान दे दिया जाए तो हृदय रोग के गंभीर खतरे को कम किया जा सकता है। हृदय रोग के निम्न लक्षण है-

  • सांस लेने में कठिनाई
  • बेहोशी या अक्सर चक्कर आना
  • एंजाइना या सीने में दर्द
  • थकान और आलस्य महसूस होते रहना
  • जी मिचलाना, उल्टी
  • पीठ, गर्दन और जबड़े में दर्द की समस्या

हृदय रोग का खतरा किन लोगों में अधिक होता है ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों के माता-पिता को हृदय रोगों की समस्या रह चुकी है। ऐसे लोगों में हृदय रोग का खतरा अधिक रहता है। इसके अतिरिक्त कुछ खराब आदते और अनियमित जीवन शैली हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकती है। जैसे- 

  • धूम्रपान या शराब की आदत
  • अधिक वजन और मोटापा
  • हाई ब्लड प्रेशर- हाई कोलेस्ट्रॉल
  • स्लीप  एप्नीया
  • मधुमेह
  • आहार संबंधी गड़बड़ी आदि।

ह्रदय रोग से कैसे करे बचाव ? (How to prevent heart disease?)

हमारे जीवन का अधिक से अधिक समय हमारे कार्य स्थल और ऑफिस में बीतता है। ऐसे में कार्य प्रणाली के अनुरूप हृदय की सेहत कैसे दुरुस्त रहे हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें –

  • आधे घंटे तक व्यायाम करना हृदय के लिए अच्छा होता है
  • स्वास्थ्य के अनुरूप खान-पान तथा आहार लेना चाहिए
  • भोजन में कम वसा वाले आहार ग्रहण करना चाहिए
  • नमक का सेवन कम मात्रा में करें
  • ताजी हरी सब्जियों तथा फलों का अधिक मात्रा में सेवन करें
  • भोजन और नाश्ता सही समय पर ले
  • तंबाकू जैसे पदार्थों से दूरी बनाए रखें
  • जहां तक संभव हो तनाव से दूर रहें
  • कैफीन की मात्रा कम करें और काली या हरी चाय पिएं
  • प्रतिदिन 30 मिनट योग और ध्यान करें
  • प्रतिदिन 7 घंटे की नींद अवश्य लें
  • गर्मियों में 8 से 10 क्लास पानी प्रतिदिन पिए
  • ऐसे खाद्य तेल का चयन करें जिसमें शून्य ट्रांस फैटी एसिड हो
  • उच्च रक्त उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखें
  • वजन पर नियंत्रण रखे

विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य(Objectives of World Heart Day)

संपूर्ण विश्व में हृदय रोग एक गंभीर बीमारी के तौर पर उभरा है। विश्व हृदय दिवस(World Heart Day) के माध्यम से प्रत्येक वर्ष लोगों में इसके प्रति जागरूकता फैलाई जाती है। हृदय मानव शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ऐसे में हृदय को स्वस्थ रखना बहुत आवश्यक है। इसलिए लोगों के बीच हृदय को मजबूत बनाए रखने की सलाह देने के लिए विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।

यह आयोजन मुख्य रूप से किसी भी अन्य जटिलताओं से बचने के लिए, लोगों को हृदय रोग के संकेत और लक्षणों के बारे में शिक्षित करने और लोगों को हृदय संबंधी किसी भी बीमारी को रोकने और नियंत्रित करने के लिए, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) का मुख्य उद्देश्य है, दुनिया भर के लोगों को हृदय के स्वास्थ्य के महत्व को समझाना और इसकी प्रति लोगों को जागरूक करना।

विश्व हृदय दिवस की थीम (Theme of World Heart Day)

विश्व ह्रदय दिवस 2023 की थीम है (world heart day theme 2023)-

 “दिल का उपयोग, करें दिल को जाने।”

(Use Heart, Know Heart)

     यह थीम पहले अपने हृदय को जानने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पर जोर देती है।

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