जी-20 की अध्यक्षता संभालने के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का भारत के जी–20 एजेंडे को समर्थन ( International Monetary Fund supports India’s G-20 agenda after taking over the presidency of G-20) :G-20 Summit NEWS

G-20 Summit NEWS : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के जी –20 (G-20) एजेंडे का समर्थन किया है। आईएमएफ ने कहा है कि भारत उन मौजूदा वैश्विक संकटों से संबंधित मुद्दों पर सबकी सहमति बनाने की योजना पर काम कर रहा है जिन पर इस समय ध्यान देना अनिवार्य है। आईएमएफ के नीति समीक्षा विभाग के निदेशक सेला पजारबासियोगुलु ने कहा कि भारत अधिक समृद्ध भविष्य के लिए एक सामूहिक एजेंडा साथ रख रहा है। भारत मतभेदों को दूर करने और स्थानीय स्तर, संघीय स्तर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने की आवश्यकता को प्राथमिकता दे रहा है।

The International Monetary Fund has supported India’s G-20 agenda. The IMF has said that India is working on a plan to build consensus on issues related to the current global crisis that warrants attention at this juncture. Sela Pajarbasiogulu, director of the IMF’s Policy Review Department, said India is putting together a collective agenda for a more prosperous future.

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G-20 Summit News (जी-20 शिखर सम्मेलन हिंदी समाचार) : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने भारत के जी –20 एजेंडे (G-20 agenda) का समर्थन किया है। आईएमएफ(IMF) ने कहा है कि भारत उन मौजूदा वैश्विक संकटों से संबंधित मुद्दों पर सबकी सहमति बनाने की योजना पर काम कर रहा है जिन पर इस समय ध्यान देना अनिवार्य है। आईएमएफ(IMF) के नीति समीक्षा विभाग के निदेशक सेला पजारबासियोगुलु (Ceyla Pazarbasioglu) ने कहा कि भारत अधिक समृद्ध भविष्य के लिए एक सामूहिक एजेंडा साथ रख रहा है। भारत मतभेदों को दूर करने और स्थानीय स्तर, संघीय स्तर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने की आवश्यकता को प्राथमिकता दे रहा है।

जैसा कि हम जानते हैं भारत ने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के साथ-साथ जी-20 की भी अध्यक्षता गुरुवार को संभाल ली है। भारत भू–राजनीतिक उथल–पुथल और महामारी के बाद और आर्थिक सुधार पर अनिश्चितता के समय 2 दिसंबर को इंडोनेशिया से पदभार ग्रहण कर लिया है। भारत के जी-20 की अध्यक्षता संभालने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को मोदी को बधाई दी और कहा कि “मैं अपने मित्र नरेंद्र मोदी पर भरोसा करता हूं कि वह हमें शांति और अधिक टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए साथ लाएंगे।” अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी जी–20 की अध्यक्षता पर मोदी को बधाई दी और कहा कि वह अध्यक्षता के दौरान भी अपने दोस्त नरेंद्र मोदी की पूरी मदद करेंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि “भारत एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य की थीम से प्रेरित होकर एकता को बढ़ाने का काम करेगा।”

जी 20 सम्मेलन क्या है? (what is G-20 summit ?)

दक्षिण पूर्व एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ने वाले वित्तीय संकट के मद्देनजर 1990 के दशक के अंत में वित्तीय मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरओं के लिए एक मंच के रूप में जी-20 को 2007 में राज्य और सरकारों के प्रमुखों को शामिल करने के लिए अपग्रेड किया गया था। जी–20 (G-20) के संबंधित प्रयासों ने 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के समय और उसके बाद की घबराहट को कम करने और आर्थिक विकास को बहाल करने में मदद की। महाद्वीपों और यूरोपीय संघ के 19 देश इस समूह में शामिल हैं। ये देश विश्व के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85% प्रतिनिधित्व करते हैं। संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन, विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ-साथ बांग्लादेश, सिंगापुर, स्पेन और नाइजीरिया सहित गैर सदस्य देशों को भी जी-20 आमंत्रित करता है।

जी–20 प्रेसीडेंसी (G20 Presidency)

जी–20(G-20) का कोई स्थाई सचिवालय नहीं है। जी-20 (G-20) के एजेंडे को चलाने के लिए एक सदस्य प्रत्येक वर्ष राष्ट्रपति पद संभालता है जो दो भागों में विभाजित होती है– एक वित्त मंत्री के नेतृत्व में और दूसरा सदस्य देशों के नेताओं के दूतों द्वारा। भारत के बाद जी-20 की अध्यक्षता ब्राज़ील करेगा। इसके पश्चात 2025 में जी-20 की अध्यक्षता दक्षिण अफ्रीका करेगा।
सितंबर 2023 में राजधानी, नई दिल्ली में जी–20 का प्रमुख शिखर सम्मेलन होगा। इसके पहले भारत लगभग 56 शहरों में 200 से अधिक बैठकों का आयोजन करेगा जिसमें मंत्री, अधिकारी और नागरिक भी शामिल होंगे। जी–20 सदस्यों और आमंत्रित देशों के लगभग 30 राष्ट्र अध्यक्ष और शासन अध्यक्ष शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

जी–20 का आगामी एजेंडा (Upcoming agenda of G-20)

जी-20 समूह में भारत का एजेंडा समावेशी, महत्वाकांक्षी, कार्योन्मुखी और निर्णायक होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक बयान में कहा है कि “जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और महामारियों की चुनौतियों को आपस में मिलकर काम करके सुलझाया जा सकता है न कि लड़कर।” मोदी ने खाद्य उर्वरक और चिकित्सा उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति का अराजनीतिकरण करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत खाद एवं ऊर्जा सुरक्षा समतामूलक स्वास्थ्य समाधान सहित तात्कालिक महत्व के उन विषयों पर समर्थन जुटाएगा जिसका सामना कोविड के बाद दुनिया को करना पड़ रहा है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी(Suman Bery, Vice Chairman of Niti Aayog of India) ने कहा कि नीति आयोग जी–20 की अध्यक्षता को एक अवसर मानते हुए दुनिया को देश की उपलब्धियों के बारे में बताएगा। केंद्र सरकार ने जी-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) के लिए रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। राष्ट्रपति भवन में होने वाली इस बैठक में 40 दलों के अध्यक्षों को बैठक में आमंत्रित किया गया है।
एक अंतरराष्ट्रीय कद के नेता के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठा बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले जी-20 समूह का शिखर सम्मेलन उनकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने में मदद करेगा। वैसे तो मोदी का अपने जी–20 (G20) समकक्षों, जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रो के साथ अच्छा तालमेल है लेकिन मौजूदा भू–राजनीतिक और आर्थिक स्थिति भारत और मोदी के लिए चुनौती होगी।